ठाकरे के खिलाफ और सचिन के साथ पूरा देश (राउंडअप)
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोमवार को संवादाताओं से बातचीत में ठाकरे के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, "शिव सेना को ऐसा बोलने का कोई अधिकार नहीं है। आप ही बताइए कि सचिन ने क्या गलत कहा है। यह कहने में क्या गलत है कि मैं एक भारतीय हूं एवं मुंबई और सभी की है। मुंबई देश से बाहर तो नहीं है।"
उन्होंने कहा, "वे (शिव सेना) खुद महाराष्ट्र की परम्परा से खुद वाकिफ नहीं है। उन्हें बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले की याद दिलाने की आवश्यकता है। सिर्फ वोटों के कारण वे इस प्रकार की राजनीति कर रहे हैं। पूरे मामले को वे राजनीतिक रंग दे रहे हैं।"
शुक्ला ने कहा, "वे यदि इसी प्रकार की बातें बोलते रहें तो कोई भी उनका समर्थन नहीं करेगा।"
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "सचिन जैसे भद्र खिलाड़ी को ठाकरे की नसीहत की जरूरत नहीं है।"
विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा है, "सचिन और ठाकरे पर मैं यही कहना चाहूंगा। मेरे दिवंगत पिता ने वर्ष 1966 में कहा था कि महाराष्ट्र महाराष्ट्रियों के लिए, कश्मीर कश्मीरियों के लिए तो भारत, भारतीयों के लिए कहां रहा।"
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "सचिन की आलोचना कर शिव सेना ने गलत किया।"
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने भी ठाकरे द्वारा सचिन के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए खरी-खरी सुनाई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अरुण जेटली ने कहा, "सचिन के बयान में कुछ भी गलत नहीं है। उनका बयान बिल्कुल सही है।"
पूर्व टेस्ट कप्तान अजीत वाडेकर ने कहा, "सचिन देश के लिए खेलते हैं और इसी से उन्हें प्रेरणा मिलती है।"
पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी मिल्खा सिंह ने कहा, "सचिन ने जो कहा है वह सही है। देश पहले आता है और उसके बाद राज्य। राजनीति और खेल का मिश्रण नहीं किया जाना चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि सचिन ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें महाराष्ट्र का होने पर गर्व है लेकिन पहले वह भारतीय हैं और मुंबई सभी की है।
सचिन के इस बयान पर बाल ठाकरे ने शिव सेना के मुख पत्र सामना में लिखे एक खुले पत्र के माध्यम से सचिन को नसीहत दी थी कि वह अपने भले के लिए राजनीति की पिच से दूर रहें।
सचिन ने हाल ही में अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर के 20 साल पूरे किए हैं। सारा देश उनकी इस उपलब्धि पर जश्न मना रहा है। जिस देश में क्रिकेट को धर्म और सचिन को क्रिकेट के भगवान का दर्जा प्राप्त है, उस देश के लोग अपने प्रिय खिलाड़ी के खिलाफ ऐसी टिप्पणी कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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