बीएसएफ के डीआईजी आतंकवादी हमले में शहीद (लीड-4)
अपने आप को आतंकवादी संगठन अल मादीना का प्रवक्ता बताने वाले शिकारी बाबा ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के एक स्थानीय प्रतिनिधि को फोन कर इस हमले की जिम्मेदारी ली।
आतंकवादी संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि बारूदी सुरंग उसके द्वारा बिछाई गई थी। बीएसएफ के अधिकारी के वहां पहुंचने पर उसने विस्फोट कर दिया। हमने सीमा पर भी गोलीबारी की जिसमें चार लोग मारे गए हैं।
तंवर पाकिस्तान की ओर से हो रही घुसपैठ की खबरों की पुष्टि के लिए जम्मू से 45 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में बलाड चौकी के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। उसी समय उनके वाहन को शक्तिशाली विस्फोट से उड़ा दिया गया। विस्फोट में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल किया गया था।
सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक (जम्मू फ्रंटियर) ए.के.सरूलिया ने कहा, "यह एक दुखद घटना है। बीएसएफ ने एक समर्पित अधिकारी को खो दिया है।"
अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से रविवार रात घुसपैठ की खबर आई थी। आशंका इस बात की है कि विस्फोटक रविवार रात ही लगाया गया था।
सरूलिया ने कहा कि बीएसएफ के जवानों ने रविवार रात को घुसपैठियों की चहलकदमी देखी थी और इसके बाद गोली चलाई थी। इसके बाद घुसपैठ करने वालों की ओर से भी जवाबी गोलीबारी की गई लेकिन बाद में वे उस स्थान से फरार हो गए।
विस्फोट में तंवर के सुरक्षाकर्मी शाम लाल और संजय कुमार एवं चालक घायल हो गए जिन्हें यहां के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान घुसपैठियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों के बारे में सरूलिया ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने तक इस बारे में हम कुछ नहीं कह सकते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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