एपेक शिखर सम्मेलन में विकास की नई दृष्टि पर विचार (लीड-1)

सिंगापुर, 15 नवंबर (आईएएनएस)। एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) संगठन के 21 देशों के नेता सिंगापुर में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंत में रविवार को क्षेत्र के विकास के एक नए दृष्टिकोण पर चर्चा के लिए एकत्र हुए।

समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विलंब से शनिवार रात सिंगापुर पहुंचे।

जापान सरकार के प्रेस सचिव कुजुओ कोदामा ने कहा कि उम्मीद है कि नेता विकास के ऐसे नए प्रतिमानों की घोषणा करेंगे जिसके आवश्यक तत्व संतुलित, समग्र और सतत विकास होंगे।

जापान के प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा ने एपेक सम्मेलन से पहले शुक्रवार को ओबामा से भेंट की थी और वैश्विक आर्थिक संकट पर चर्चा की।

एपेक में अमेरिका, मेक्सिको, कनाडा, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और दक्षिण पूर्व एशिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं सहित पूर्वी एशिया और अमेरिका महाद्वीप के 21 देश शामिल हैं।

इससे पहले ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वर्ष 2050 तक आधी कटौती करने के वादे के प्रावधान को एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के शिखर सम्मेलन के घोषणा पत्र के मसौदे से हटा दिया गया।

चीनी विदेश मंत्रालय के कानून और संधि विभाग के अधिकारी यी जियानलियांग ने संवाददाता सम्मेलन में शनिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पर सौदेबाजी में बाधा पड़ने की आशंका के कारण उत्सर्जन में कटौती के प्रस्ताव को मसौदे से हटाया गया।

यी ने कहा कि विश्व समुदाय में यह बहुत विवादास्पद मुद्दा है और एपेक जलवायु परिवर्तन पर चर्चा का स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि वास्तव में वर्ष 2007 में इंडोनेशिया के बाली में हुए संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के बाद से इस दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

यी ने कहा कि दिसम्बर में कोपेनहेगन में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में शामिल पक्षों के बेहतर प्रयासों के बिना एक समझौते तक पहुंचने में कठिनाई होगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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