कल्याण ने दिए भाजपा में वापसी के संकेत (लीड-3)
लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुलायम सिंह से हाथ मिलाने पर अफसोस जताते हुए कल्याण ने कहा कि मौकापरस्त मुलायम सिंह से दोस्ती उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी भूल थी, जिसका पश्चाताप करने के लिए अब वह भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
पुन: घर वापसी (भाजपा में शामिल होने) की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि विकल्प खुला है, भाजपा में जाऊं या न जाऊं, जहां भी रहूंगा भाजपा और राष्ट्रवादी ताकतों की मजबूती के लिए काम करता रहूंगा।
भाजपा के पूर्व दिग्गज ने कहा, "मैं भाजपा को कमजोर करना चाहता था और मुलायम सिंह ने इसीलिए मुझे अपने साथ लिया था। भाजपा कमजोर हुई भी मगर अब मुझ्झे इसका पश्चाताप है, लेकिन अब मैं भाजपा को फिर से मजबूत करने के लिए काम करूंगा।"
सपा अध्यक्ष को धोखेबाज और अवसरवादी करार देते हुए सिंह ने कहा कि उन्होंने राजनीति में सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाया है। सपा के पतन की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले 2012 के विधानसभा चुनाव में यह पार्टी नेस्तनाबूत हो जाएगी।
कल्याण सिंह नेकहा, "धोखा देना मुलायम सिंह की पुरानी फितरत है। बिना सोचे-समझे उनसे दोस्ती करके मैंने बड़ी भूल की है।"
मुलायम पर अपनी भड़ास निकालते हुए कल्याण ने कहा कि मुलायम ने कई लोगों और पार्टियों को धोखा दिया है। इनमें आजम खान, बेनीप्रसाद वर्मा, वामपंथी पार्टियां आदि शामिल हैं। कल्याण सिंह ने मुसलमानों को भी आह्वान किया कि वे मुलायम से सावधान रहें।
कल्याण ने कहा कि हाल के उपचुनावों में हुई पराजय से मुलायम सिंह यादव ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। वह बुरी तरह से बौखला गए हैं। हार के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास न करके 'कल्याण फैक्टर' को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उनको सबसे पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
कल्याण ने साफ किया कि लोकसभा चुनाव में वह सपा के साथ थे इसीलिए उसको 23 सीटें मिल गईं, नहीं तो वह 14 सीटों पर ही सिमट कर रहा जाती। उन्होंने दावा किया कि उनके चलते सपा को 9 सीटों का लाभ हुआ।
सपा अध्यक्ष द्वारा यह कहे जाने पर कि कल्याण सिंह चाहें तो भी उन्हें सपा में शामिल नहीं किया जाएगा, तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कल्याण ने कहा, "मुलायम ही मेरे दरवाजे पर आए थे और मेरे बेटे राजवीर को सपा में शामिल होने का न्यौता दिया था। मैं उनके पास नहीं गया था।"
कल्याण ने कहा कि उन्हें कई बार सपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने वह प्रस्ताव कभी नहीं स्वीकारा। नाराज कल्याण ने कहा कि यदि मुलायम हाथ जोड़कर भी उन्हें सपा में बुलाएंगे तो भी वह उनकी पार्टी में नहीं जाएंगे।
इससे पहले रविवार को कल्याण के पुत्र राजवीर सिंह ने सपा के महासचिव पद से इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ने की घोषणा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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