फोरेंसिक विशेषज्ञ निष्पक्षता से जांच करें : गहलोत
मुख्यमंत्री रविवार को यहां पुलिस अकादमी सभागार में 20वीं अखिल भारतीय फोरेंसिक साइंस कांफ्रेंस-2009 की अध्यक्षता कर रहे थे। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के जाने-माने फोरेंसिक विशेषज्ञों सहित पुलिस विभाग के अधिकारी भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन में साइबर क्राइम, कम्प्यूटर फोरेंसिक, सांइटिफिक इंवेस्टिगेशन ऑफ क्राइम आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे।
गहलोत ने कहा कि अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना विकसित करने की दृष्टि से फोरेंसिक विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वैज्ञानिक आने वाले समय में नई खोज से दुनिया में अपराधियों को नेस्तानाबूद करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से आतंकवाद एवं नक्सलवाद की चुनौतियां हमारे सामने हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री इससे चिंतित है और वे देश हित में इन चुनौतियों के खिलाफ कड़े कदम उठाना चाहते हैं, जिसमें पूरा मुल्क उनके साथ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में फोरेन्सिक लैब ने अच्छा कार्य किया है। जयपुर बम विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट जैसे रसायन के उपयोग का खुलासा हमारे फोरेंसिक विशेषज्ञों ने ही किया था। बाद में अन्य जांच एजेंसियों ने भी इसे सही पाया।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने फोरेंसिक विशेषज्ञों को साइबर क्राइम की रोकथाम, ऑडियो-वीडियो ऑथेन्टिकेशन, वाइस आइडेंटिफीकेशन आदि के नवीनतम उपकरण उपलब्ध कराने में पीछे नहीं रही है, आने वाले समय में भी पीछे नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों का जयपुर आने पर स्वागत किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विषय-विशेषज्ञों के विचार एवं अनुभव फोरेंसिक साइन्स लैब और इसके वैज्ञानिकों को नई दिशा देने में सहायक होंगे।
राजस्थान के गृहमंत्री शान्ति धारीवाल ने बताया कि जयपुर में मुख्य प्रयोगशाला के अतिरिक्त तीन संभागों जोधपुर, उदयपुर एवं कोटा में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा चुकी है। इस वर्ष बीकानेर में क्षेत्रीय प्रयोगशाला खोली जा रही है। उन्होंने बताया कि फोरेन्सिक लैब में पहले 8 से 9 वर्ष परीक्षण में लगते थे, परन्तु अब यह परीक्षण 2-3 वर्ष में हो जाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फोरेन्सिक साइंस स्मारिका का तथा केन्द्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सीरीज ऑफ प्रोसिडिंग्स स्मारिका का विमोचन किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पुलिस महानिदेशक हरीश मीणा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा राजस्थान फोरेंसिक साइंस के निदेशक वी.एन.माथुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव गृह प्रदीप सेन भी उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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