बिहार में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल छठे दिन भी जारी (लीड-1)
हड़ताल के कारण दोनों मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भर्ती मरीजों का पलायन भी जारी है।
पीएमसीएच प्रशासन के मुताबिक हड़ताल के दौरान अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव द्वारा हड़ताली जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई की चेतावनी का भी कोई असर जूनियर डॉक्टरों पर नहीं दिख रहा है। शनिवार की रात स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव संजीव हंस के साथ वार्ता भी बेनतीजा रही।
स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को इस हड़ताल को अनुचित बताते हुए कॉलेज अस्पताल प्रशासन को काम छोड़कर हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों की अनुपस्थित दर्ज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्सकों को लगाया गया है।
इधर, जूनियर डॉक्टर एसोसिएषन के महासचिव धनंजय कुमार ने रविवार को हड़ताल को पूरी सफल बताते हुए तब तक काम पर नहीं लौटने की बात दोहराई जब तक कि सरकार उनकी मांग नहीं मान लेती है।
इधर, हड़ताल के कारण मरीजों का बुरा हाल है। मरीज या तो निजी अस्पतालों की ओर पलायन कर रहे हैं या फिर कई मरीज पैसे के अभाव में निजी अस्पताल जाने में अपनी लाचारी के चलते हड़ताल टूटने का इंतजार कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर सोमवार से तथा डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर गुरूवार से बेमियादी हड़ताल पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications