मुलायम से दोस्ती करना मेरी भारी राजनीतिक भूल : कल्याण (लीड-2)
कल्याण सिंह ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "धोखा देना मुलायम सिंह की पुरानी फितरत है। बिना सोचे-समझे उनसे दोस्ती करके मैंने बड़ी भूल की है।"
मुलायम पर अपनी भड़ास निकालते हुए कल्याण ने कहा कि मुलायम ने कई लोगों और पार्टियों को धोखा दिया है। इनमें आजम खान, बेनीप्रसाद वर्मा, वामपंथी पार्टियां आदि शामिल हैं। कल्याण ने मुसलमानों को भी आह्वान किया कि वे मुलायम से सावधान रहें।
कल्याण ने कहा कि हाल के उपचुनावों में हुई पराजय से मुलायम सिंह यादव ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। वह बुरी तरह से बौखला गए हैं। हार के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास न करके 'कल्याण फैक्टर' को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उनको सबसे पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
कल्याण ने साफ किया कि लोकसभा चुनाव में वह सपा के साथ थे इसीलिए उसको 23 सीटें मिल गईं, नहीं तो वह 14 सीटों पर ही सिमट कर रहा जाती। उन्होंने दावा किया कि उनके चलते सपा को 9 सीटों का लाभ हुआ।
सपा अध्यक्ष द्वारा यह कहे जाने पर कि कल्याण सिंह चाहें तो भी उन्हें सपा में शामिल नहीं किया जाएगा, तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कल्याण ने कहा, "मुलायम ही मेरे दरवाजे पर आए थे और मेरे बेटे राजवीर को सपा में शामिल होने का न्यौता दिया था। मैं उनके पास नहीं गया था।"
कल्याण ने कहा कि उन्हें कई बार सपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने वह प्रस्ताव कभी नहीं स्वीकारा। नाराज कल्याण ने कहा कि यदि मुलायम हाथ जोड़कर भी उन्हें सपा में बुलाएंगे तो भी वह उनकी पार्टी में नहीं जाएंगे। उन्होंने मुलायम पर परिवारवाद फैलाने का भी आरोप लगाया।
इससे पहले कल्याण सिंह के पुत्र राजबीर सिंह ने सपा महासचिव के पद से इस्तीफा देते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा की।
मालूम हो कि मुलायम ने शनिवार को कहा था कि कल्याणसिंह न तो सपा के सदस्य थे, न हैं और न कभी हो सकते हैं। वह चाहें तो भी उन्हें पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।
मुलायम सिंह से नाता टूटने के बाद कल्याण सिंह के भारतीय जनता पार्टी में पुन: शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications