हिमाचल में बर्फबारी से पर्यटन उद्योग की रौनक बढ़ी
शिमला, 15 नवंबर (आईएएनएस)। दो दशक के बाद हिमाचल में समय से पहले हुई बर्फबारी ने राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए खुशियों की बौछार लाई है।
आंकड़ों के अनुसार पिछले 18 वर्षो से शिमला में लोग क्रिसमस के दिन बर्फबारी से वंचित रह जाते थे। मगर आशा है कि इस बार का क्रिसमस कुछ ज्यादा श्वेत और उज्जवल होगा।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक योगेश बहल ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, "निसंदेह इस बार का क्रिसमस ज्यादा आनंदायक होगा। मौसम ने पर्यटन विभाग को बोनस दिया है।"
मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा, "पिछली बार 1991 में क्रिसमस पर मैंने बर्फबारी (49 सेमी) देखी थी, उसके बाद यह पहला मौका है जब क्रिसमस पर बर्फबारी होने की संभावना है।"
मनाली में होटलों का बिजनेस चला रहे टेक चंद ठाकुर ने भी राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा, "बर्फबारी मनाली के पर्यटन उद्योग की जीवन रेखा है। अगर मौसम ने साथ दिया तो इस बार हमें ज्यादा पर्यटक मिलने के आसार हैं और हमारा कारोबार भी इसी पर निर्भर करता है कि यहां कितने पर्यटक आते हैं।"
60 लाख की आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में पिछले वर्ष 93.7 लाख देशी तथा 367,000 विदेशी पर्यटक आए थे।
बहरहाल, इस बार समय से पहले बर्फबारी ने हिमाचल के कुल्लू और मनाली जैसे पर्यटन के प्रमुख स्थानों में ज्यादा पर्यटकों के आने की आशा जगा दी है। पर्यटक अभी से फोन कर वहां का जायजा ले रहे हैं और वहां की टिकटें भी अभी से बुक करा रहे हैं। एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाली मोनिका मल्होत्रा ने कहा, "अगर मौसम ठीक रहता है तो मैं अपने दोस्तों के साथ मनाली जाऊंगी।"
जाहिर है, नौ नवंबर को हुई इन इलाकों में बर्फबारी ने दो दशक बाद ही सही, मगर उम्मीद की एक रोशनी तो दिखाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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