ब्रज मंडल में अवैध खनन की सीबाआई जांच की मांग
राजस्थान सरकार ने ब्रज मंडल के पहाड़ी इलाकों को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया है। एक गैर सरकारी संगठन 'ब्रज रक्षक दल' ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
'ब्रज रक्षक दल' इस इलाके में अवैध खनन को रोकने के लिए कई वर्षो से संघर्ष कर रही है। संगठन के प्रमुख विनीत नारायण ने आईएएनएस से कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रधान सचिव (वन) बी.एल.आर्य ने ब्रज मंडल के पहाड़ी इलाकों को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया है।
राजस्थान वन कानून 1953 के अधीन ब्रज मंडल के 5,232.57 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया गया है। नारायण ने कहा, "राज्य सरकार ने प्रस्तावित समिति से पूर्व में वसुंधरा राजे सरकार के फैसले की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया है।"
राजस्थान की पूर्व सरकार ने 5,232.57 हेक्टेयर भूमि को वन विभाग को स्थानांतरित कर दिया था। नारायण ने कहा कि 'ब्रज रक्षक दल' ने वर्ष 2003 में नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की की सहायता से डीग और कमान क्षेत्र का उपग्रह सर्वेक्षण करवाया था।
सर्वेक्षण से पता चला कि इस इलाके में मौजूद पहाड़ियों पर बड़े स्तर पर तबाही मचाई गई है। नारायण ने कहा कि अवैध खनन से राजस्थान सरकार को 500 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच होनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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