राष्ट्रपति ने किया व्यापार मेले का उद्घाटन
मेले में चीन और थाईलैंड पर सबसे अधिक निगाहें रहेंगी। 14 दिनों तक चलने वाला यह मेला आम जनता के लिए 19 नवंबर को खोला जाएगा। पहले पांच दिन व्यापारियों के लिए सुरक्षित रखा गया है और प्रवेश शुल्क 400 रुपये है।
आम जनता के लिए सप्ताहांत पर 60 रुपये और कार्य दिवसों पर 30 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है।
प्रगति मैदान के हंसाध्वनि थियेटर में मेले का उद्घाटन करते हुए पाटिल ने कहा कि इस आयोजन से भारत के सभी हिस्सों के लोगों और दुनिया को देश में हुई प्रगति की जानकारी हासिल करने का मौका मिलेगा।
उद्घाटन संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, "मेले ने वर्षो से वैश्विक व्यापारिक समुदाय के सामने भारत के आधुनिक चेहरे को सफलतापूर्वक पेश करके प्रतिष्ठा अर्जित की है।"
इस साल ईरान पहली बार मेले में शामिल हुआ है। उसे आशा है कि पहले के मेलों में चीन, म्यांमार, पाकिस्तान, थाईलैंड और तुर्की के स्टालों को मिली सफलता उसे भी हासिल हो सकती है।
भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा आयोजित इस वर्ष के मेले का विषय 'सेवाओं का निर्यात' है। इस वर्ष के मेले की कुछ झलकियां निम्न हैं :
- मेले के भीतर कोई प्लास्टिक बैग नहीं
- संपूर्ण प्रगति मैदान ध्रूमपान मुक्त क्षेत्र घोषित
- जूट, कागज और कपड़ों से बने थैलों की 28 स्टालों पर बिक्री
- मेले के समय में आधा घंटा की वृद्धि, मेला सुबह 9.30 बजे खुलकर शाम 7.30 बजे बंद होगा।
- सप्ताहांत के दौरान टिकटों की बिक्री दोपहर दो बजे और प्रवेश शाम चार बजे तक ही
- व्यापारियों के लिए पहले पांच दिन विशेष रूप से सुरक्षित
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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