हेडली के तार कहीं मुंबई हमले से तो नहीं जुड़े रहे? (राउंडअप)
शीर्ष खुफिया अधिकारियों ने कहा है कि मुंबई हमले की जांच में एक प्रमुख संदिग्ध बनने के करीब पहुंचा हेडली देश में अन्य संभावित लक्ष्यों की तलाश में था।
एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने आईएएनएस को अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, "उसके गुप्त मिशन पर गौर कीजिए। आखिर उसने कोच्चि, अहमदाबाद, पुणे, मुंबई और दिल्ली की यात्रा क्यों की। जाहिर है उसकी इन यात्राओं से पर्यटन का कुछ भी लेना-देना नहीं था।"
जांचकर्ताओं का कहना है कि मुंबई हमले की साजिश में हेडली का बखूबी हाथ हो सकता है।
वर्ष 2006 में दाऊद गिलानी से डेविड कोलमैन हेडली बना यह अमेरिकी नागरिक फिलहाल अपने कथित पाकिस्तानी मूल के कनाडाई सहयोगी तहव्वुर हुसैन राणा के साथ अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की हिरासत में है। दोनों को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था।
हेडली के भारतीय संपर्को की जांच के लिए एफबीआई का एक दल अगले सप्ताह भारत आ सकता है।
खुफिया एजेंसियां आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के साथ भी हेडली के संदिग्ध संपर्को की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि दिल्ली के एक होटल से बरामद हेडली के पासपोर्ट की एक छाया प्रति से पता चला है कि वह इस वर्ष छह मार्च को अबू धाबी से राजधानी आया था। यह भारत की उसकी नवीं और अंतिम यात्रा थी। छह मार्च को वह होटल हॉलीडे इंटरनेशनल में ठहरा था और अगले दो दिनों तक वह होटल आनंद में रुका था। होटल के रिकॉर्ड के अनुसार वहां से वह राजस्थान चला गया था।
इस बीच मुंबई पुलिस ने फिल्मकार महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट से हेडली के साथ उसकी कथित मित्रता के बारे में पूछताछ की है। पूछताछ के बाद राहुल को छोड़ दिया गया। मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार राहुल हेडली के आतंकी सम्पर्को से अनजान था।
हेडली ने मुंबई के रियलटी दलाल सनी सिंह से भी मुलाकात की थी।
सिंह का कहना है कि हेडली और उसकी पत्नी ने अक्टूबर महीने के प्रारंभ में फ्रांस के एक पूर्व ग्राहक के जरिए उनसे किराए के फ्लैट के लिए संपर्क किया था।
सिंह ने शुक्रवार की शाम मीडिया कर्मियों को बताया कि चूंकि हेडली जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं करा पाया, लिहाजा उन्होंने उसे फ्लैट दिलाने में मदद नहीं की।
बांद्रा पश्चिम में रियलटी कंसल्टैंट के रूप में कारोबार चलाने वाले सिंह ने कहा कि हेडली ने अना नामक एक महिला के साथ उनसे डेढ़ महीने पहले संपर्क किया था। उस महिला को उसने अपनी पत्नी बताया था।
सिंह के अनुसार हेडली लगभग 50,000-55,000 रुपये महीने किराए का फ्लैट चाहता था। सिंह की एक पूर्व ग्राहक मारियाना नामक फ्रांसीसी महिला ने हेडली को सिंह के पास भेजा था।
सिंह ने कहा कि दो बार हेडली से उनकी मुलाकात हुई थी और दोनों बार हेडली और उसकी पत्नी सभ्य पहनावे में थे। हेडली एक लैपटॉप लिए हुए था और उसने कहा था कि वह एक होटल में रहता है और एक साल के लिए एक फ्लैट किराए पर चाहता है।
चूंकि बांद्रा विदेशी नागरिकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर्मचारियों का सबसे पसंदीदा स्थान है, लिहाजा सिंह ने हेडली को बांद्रा रिक्लेमेशन में कुछ फ्लैट दिखाए। हेडली ने पाली हिल इलाके में एक फ्लैट को पसंद किया था।
सिंह ने कहा, "लेकिन मैंने उससे उसके वीजा, पासपोर्ट और पहचान से जुड़े अन्य कागजातों की एक-एक प्रति मांगी, जिन्हें उपलब्ध कराने को वह तैयार नहीं था।"
सिंह ने कहा कि जब उन्होंने उससे उसकी कंपनी का वर्क परमिट या लेटर हेड पर लिखा एक आवेदन मांगा तो उसने वह भी उपलब्ध कराना नहीं चाहा था। लिहाजा सौदा वहीं खत्म हो गया।
सनी ने कहा, "यहां तक कि मैंने कागजातों के लिए अपने एक सहायक को उसके पास भेजा था, लेकिन उन दोनों ने उसके साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया। उसने कहा कि वह हमें सिर्फ किराए की रकम उपलब्ध कराएगा, कागजात नहीं, जो कि हमें मंजूर नहीं था। इस तरह सौदा की बात वहीं समाप्त हो गई।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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