पूर्वोत्तर में रबर की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा
पीटर ने कहा कि केरल के कोट्टायम स्थित भारतीय रबर शोध संस्थान (आरआरआईआई) ने पूर्वोत्तर में रबर की खेती के लिए उपयुक्त 450,000 हेक्टेयर भूमि की पहचान की है।
रबर बोर्ड की यहां आयोजित 161वीं बैठक के बाद पीटर ने मीडियाकर्मियों को बताया, "भारत में प्राकृतिक रबर के विस्तार और वृद्धि का भविष्य पूवरेत्तर में ही है। यह क्षेत्र कृषि जलवायु के आधार पर रबर की खेती के लिए अति उपयुक्त है।"
आंकड़े के मुताबिक पूर्वोत्तर के सात राज्यों में 72,000 हेक्टेयर भूमि पर रबर की खेती होती है। इसमें त्रिपुरा में 46,600 हेक्टेयर पर तथा असम में 19,000 हेक्टेयर पर प्राकृतिक रबर की खेती होती है।
देश में केरल के बाद त्रिपुरा दूसरा सबसे बड़ा रबर उत्पादक राज्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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