मनमोहन-ओबामा की मुलाकात से दोनों देशों के रिश्तों में आएगी मजबूती
पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के अधिकारी ओबामा और सिंह के बीच होने वाली मुलाकात के मुद्दों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
हाल ही में ह्यूस्टन राईस विश्वविद्यालय में भारतीय राजदूत मीरा शंकर ने कहा था, "जैसा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत और अमेरिका के रिश्तों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए आगे बढ़ने को तैयार हैं, हम आशा और संभावना के एक रोमांचक दौर से गुजर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारा वास्तविक लक्ष्य हमारी आर्थिक भागीदारी और लोगों के बीच संबंधों को महत्वपूर्ण बनाना है।" उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षो में भारत-अमेरिका का आपसी व्यापार दोगुना हो गया है जबकि अमेरिका से भारत में होने वाले निर्यात में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा, "वैश्विक आर्थिक मंदी के इस दौर में जब हम अपने रिश्तों को मजबूती प्रदान करने के लिए एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं ऐसे में आर्थिक साझेदारी आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान करेगी।"
न्यूयॉर्क की एशिया सोसाइटी में भारतीय विशेषज्ञों से बातचीत के दौरान दक्षिण-मध्य एशिया मामलों के मंत्री, रोबर्ट ओ ब्लेक ने कहा, 'मेरी समझ से भारत-अमेरिका संबंध को आगे बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र को भी कोशिश करना चाहिए। ये काफी हद तक उन पर भी निर्भर करता है।'
2003 और 06 के बीच मिशन उपाध्यक्ष के रूप में दिल्ली में काम कर चुके ब्लेक ने कहा कि भारत-अमेरिका के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए विनिवेश के अवसरों की सहायता ली जानी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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