दक्षेस देशों ने ग्रामीण विकास पर सहयोग के लिए प्रतिबद्धता जताई (लीड-1)
नई दिल्ली, 14 नवंबर (आईएएनएस)। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के सदस्य देशों ने ग्रामीण विकास के लिए अपसी सहहयोग पर शनिवार को प्रतबिद्धता जताई है। सदस्य देशों ने कहा कि वे इस क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे और परियोजनाओं को वित्तीय सहयोग मुहैया कराएंगे।
दक्षेस के कैबिनेट सचिवों की दो दिवसीय बैठक यहां शनिवार को संपन्न हुई। बैठक में प्रशासनिक सुधारों, ग्रामीण विकास, कामकाज के प्रबंधन और ई-गवर्नेस जैसे साझा महत्व के मसलों पर विचार-विमर्श किया गया।
दो दिनों की इस बैठक में दक्षेस के सभी सदस्य देशों के कैबिनेट सचिवों ने हिस्सा लिया। दक्षेस आठ दक्षिण एशियाई देशों का राजनीतिक और आर्थिक संगठन है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेशा, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।
बैठक में कहा गया कि दक्षेस अब मात्र घोषणाएं करने वाला संगठन नहीं रहा, बल्कि घोषणाओं को क्रियान्वित करने वाले संगठन में तब्दील हो रहा है। इसलिए उसकी प्रशासनिक तथा वितरण प्रणाली को ज्यादा सशक्त बनाने की जरूरत है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कैबिनेट सचिवों ने तय किया कि दक्षेस के सदस्य देश दक्षेस सचिवालय के सहयोग से ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक या एक से अधिक क्षेत्रीय परियोजनाओं की पहचान करेंगे। ऐसी परियोजनाओं को दक्षेस विकास कोष के तहत उपलब्ध कोष के जरिए क्रियान्वित किया जाएगा।
बयान में कहा गया है, "दक्षेस के सदस्य देशों में कई संस्थानों ने ग्रामीण विकास के मॉडल तैयार किए हैं। ये मॉडल दक्षेस सचिवालय को उपलब्ध कराए जाएंगे। उसके बाद सचिवालय ग्रामीण विकास मॉडल्स का एक सूचकांक तैयार करेगा। उसके बाद ग्रामीण विकास मॉडल पर जानकारी और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।"
कैबिनेट सचिवों ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बारे में चर्चा की जहां सदस्य देशों के नागरिकों के लाभ के लिए कई नवीन योजनाएं चलाई गईं। सदस्य देशों ने अपने यहां चलाए गए ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और उनके प्रभाव के बारे में भी विचार-विमर्श किया।
कामकाज के प्रबंधन की चुनौतियों और उनके मूल्यांकन पर भी बैठक में चर्चा हुई। सदस्य देशों ने अपने नागरिकों को मुहैया कराई जाने वाली सेवाओं में ई-गवर्नेस के इस्तेमाल पर भी चर्चा की। उनमें इस बात पर भी सहमति बनी कि इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
सूत्रों के अनुसार बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रशासनिक सुधारों के बारे में अपनाई जा रही उत्कृष्ट प्रौद्योगिकियों की जानकारियों का भी आदान-प्रदान किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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