चुनाव से पहले बदल सकता है असम का राजनीतिक समीकरण
गुवाहाटी, 14 नवंबर (आईएएनएस)। मुख्य विपक्षी पार्टी असम गण परिषद (अगप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच तालमेल लगभग समाप्त होने की कगार पर पहुंचने के साथ वर्ष 2011 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले असम की राजनीति में कुछ बड़े फेरबदल हो सकते हैं।
अगप के उपाध्यक्ष अपूर्बा कुमार भट्टाचार्य ने आईएएनएस से कहा, "समय आ गया है कि पार्टी के भाजपा के साथ सहयोग को जारी रखने पर मजबूत निर्णय लिया जाए। लगातार हुई चुनावी हारों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आत्मविश्वास हिल गया है.. 2011 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की सोच में बदलाव आना चाहिए।"
इस बीच असम में तीसरी बड़ी विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी एक अल्पसंख्यक आधारित पार्टी 'असम यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट' (एयूडीएफ) का अगप के साथ गठबंधन हो सकता है।
एयूडीएफ के नेता बदरुद्दीन अजमल ने आईएएनएस से कहा, "मेरी पार्टी का अगप के साथ गठबंधन होने की बहुत संभावना है क्योंकि दोनों पार्टियों की क्षेत्रीय आकांक्षाएं समान हैं। मैं कहूंगा कि संभावनाएं बहुत उज्जवल हैं।"
वर्ष 2006 में हुए विधानसभा चुनावों में एयूडीएफ ने 11 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि 126 सदस्यीय विधानसभा में अगप के 24 विधायक हैं।
एयूडीएफ के साथ गठबंधन पर अगप का कहना है कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है।
अगप के अध्यक्ष चंद्र मोहन पाटोवारी ने पत्रकारों से कहा, "हमने एयूडीएफ की टिप्पणियां सुनी हैं और हम मुद्दे पर चर्चा करेंगे। हम पार्टियों से अनौपचारिक स्तर पर बात कर रहे हैं और कुछ भी हो सकता है।"
यद्यपि एयूडीएफ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद ही वह अगप के साथ गठबंधन करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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