मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस को नेताओं के रिश्तेदारों से परहेज
प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव अगले माह है और यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
दावेदारों की बढ़ती भीड़ और रिश्तेदारों के उभरते नामों ने पार्टी नेतृत्व की पेशानी पर बल ला दिए है। यही कारण है कि दोनों दलों के नेताओं ने कहना शुरू कर दिया है कि चुनाव में रिश्तेदारों को नहीं, बल्कि सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा।
प्रदेश में महिला सम्मेलनों में हिस्सा ले रही भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि अब किसी की बीवी, साली और भाभी को टिकट नहीं मिलेगा बल्कि सक्रिय कार्यकर्ता को टिकट दिया जाएगा।
ठीक ऐसी ही बात कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी ने कही है। उन्होंने कहा है कि चुनाव में नातेदारी नहीं चलेगी। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभा ठाकुर ने भी कहा है कि नेताओं के रिश्तेदारों को नहीं बल्कि उन कार्यकर्ताओं को टिकट दिए जाएंगे जो सक्रिय हैं और जीतने में सक्षम हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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