मुंबई हमले के बाद हमारी तैयारी बेहतर हुई है : एनएसजी प्रमुख
नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। पिछले वर्ष 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमले के मुकाबले के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) को घटना स्थल पर पहुंचने में पूरे पांच घंटे लग गए थे और इस कारण जान-माल का ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था, लेकिन एनएसजी प्रमुख एन.पी.एस.औलख का कहना है कि अब स्थितियां बदल चुकी हैं और देश में इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं घट पाएंगी।
एनएसजी के निदेशक औलख ने आईएएनएस के साथ एक विशेष बातचीत में कहा, "मुंबई में हुए श्रृंखलाबद्ध हमले के दौरान हमारा बहुत समय बर्बाद हो गया था। लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं और हम 30 मिनट की सूचना पर कहीं भी किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं।"
एक वर्ष पहले हुए इस हमले में 170 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। लेकिन उस घटना ने प्रशासन को कीमती सीख भी दी है।
ऑपरेशन ब्लैक टोरनाडो से मिली कुछ सीखों का जिक्र करते हुए औलख ने कहा कि ब्लैक कैट कमांडो को मानेसर स्थित मुख्यालय से दिल्ली हवाई अड्डे तक पहुंचने में कीमती समय (40 मिनट) नष्ट हो गया था।
मानेसर में उनके हथियारों और उपकरणों को ट्रक पर लादना और फिर हवाई अड्डे पर उसे उतारना और उसके बाद उन्हें मुंबई ले जाने पर फिर उसी प्रक्रिया से गुजरने में काफी समय बर्बाद हो गया था।
लेकिन अब स्थितियां काफी बदल चुकी हैं। सरकार ने मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई में एनएसजी के चार केंद्र स्थापित कर दिए हैं। हर केंद्र पर एनएसजी के 241 जवान तैनात हैं।
इस वर्ष मार्च महीने में एनसजी प्रमुख का पद संभालने वाले औलख ने कहा, "मुंबई हमले के बाद हम अपने उपकरणों में सुधार कर रहे हैं और अत्याधुनिक हथियारों को खरीद रहे हैं। ऐसा नहीं है कि पूर्व में हम किसी चुनौती के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन अब हम अपनी क्षमता और सामरिक तैयारियों को और बढ़ा रहे हैं।"
औलख के अनुसार घटना स्थल पर देर से पहुंचने के बावजूद एनएसजी के कमांडो ने 10 आतंकियों में से नौ को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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