खनिज संपदा ही नहीं घोटालों के लिए भी उपजाऊ है झारखण्ड
रांची, 13 नवंबर (आईएएनएस)। खनिज संपदा के मामले में धनी झारखण्ड इन दिनों घोटालों के लेकर सुर्खियों में है। पिछले कुछ वर्षो में यहां 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले हुए हैं।
झारखण्ड का गठन वर्ष 2000 में हुआ था। उसके बाद से राज्य में चार मुख्यमंत्री हुए। इस दौरान सत्ता में आए कई मंत्री, नौकरशाहों और अन्य लोगों पर सवाल उठते रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य इकाई के अध्यक्ष रघुबीर दास ने आईएएनएस से कहा, "झारखण्ड के गठन के बाद जो लोग सत्ता में आए उनके खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जांच करनी चाहिए। घोटाले में फंसे लोगों को जेल होनी चाहिए।"
दास ने कहा, "भ्रष्ट लोगों का एक ही धर्म होता है-भ्रष्टाचार। ऐसे लोगों का कोई दल नहीं होता है।"
कांग्रेस प्रवक्ता रविन्द्र सिंह ने भी कहा कि राज्य गठन के बाद सत्तासीन मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच होनी चाहिए।
सिंह ने कहा, " जांच में जो निर्दोष पाए जाएं उन्हें ही राजनीति में आने की अनुमति मिलनी चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा और शिबू सोरेन के खिलाफ सीबीआई जांच के लिए जनहित याचिका दायर की गई है।
इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा घोटाले की जांच में फंसे हैं। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने हाल ही कोड़ा और उनके सहयोगियों के घरों पर छापामारी की थी।
आयकर अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अब तक 3,000 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का पता चला है। वैसे राज्य में यह पहला बड़ा घोटाला नहीं है।
वर्ष 1996 में जब झारखण्ड बिहार का हिस्सा था, उस वक्त 950 करोड़ रुपये का चारा घोटाला सामने आया था। सीबीआई के अनुसार झारखण्ड गठन के बाद इस घोटाले के 61 मामले बिहार से यहां स्थानांतरित किए गए थे।
इसके अलावा राज्य में 110 करोड़ रुपये के तारकोल घोटाला और 300-400 रुपये का ग्रामीण विद्युतीकरण घोटाला शामिल है। राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के कम से कम आठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं।
झारखण्ड देश का पहला राज्य है जहां इतनी बड़ी संख्या में नेता भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त पाए गए हैं। अब तक राज्य में छ: पूर्व मंत्रियों सहित एक पूर्व मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के मामले में फंस चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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