संशोधित स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना
वर्ष 2009-2010 से शुरू इस नये कार्यक्रम में पांच प्रमुख घटक हैं -
शहरी स्वरोजगार कार्यक्रम (यूएसईपी)
शहरी महिला स्व-सहायता कार्यक्रम (यूडब्ल्यूएसपी)
शहरी गरीबों में रोजगार प्रोत्साहन के लिए हुनर प्रशिक्षण (स्टेप-अप)
शहरी वेतन रोजगार कार्यक्रम (यूडब्ल्यूईपी)
शहरी समुदाय विकास नेटवर्क (यूसीडीएन)
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख परिवर्तन किए गए हैं -
जिन्होंने नौवीं कक्षा से आगे की शिक्षा प्राप्त नहीं की हैं, उनके लिए पढ़ाई की सीमा हटा दी गई है और सहायता के उद्देश्य से नियुक्ति के लिए न्यूनतम या अधिकतम जैसी सीमा हटा दी गई है।
(व्यक्तिगत श्रेणी) के लिए स्वरोजगार के वास्ते परियोजना लागत सीमा मौजूदा 50,000 रुपये से बढाक़र 2़ 00 लाख रुपये कर दी गई है और रियायती रकम भी बढ़ाकर परियोजना लागत के 25 प्रतिशत (अधिकतम 50,000 रुपये) तक कर दी गई है।
शहरी गरीब स्त्रियों द्वारा स्थापित समूह उद्यमों के लिए रियायत परियोजना लागत की 35 प्रतिशत या समूह के प्रति सदस्य के लिए 3,00,000 रुपये या 60,000 रुपये या जो कम हो। महिलाओं का ग्रुप बनाने के लिए अपेक्षित न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। शहरी गरीब घटक का हुनर प्रशिक्षण घटक फिर से गठित किया गया है और शहरी गरीब को हुनर सीखने का अच्छा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के अंतर्गत केन्द्रीय आवंटन 2009-10 में बढ़ाकर 515 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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