पीएमसीएच के बाद डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर भी हड़ताल पर गए
इन अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की गई है। पीएमसीएच प्रशासन का कहना है कि हड़ताल के दौरान अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया गया कि मंगलवार को जहां 28 लोगों की मौत हुई थी वहीं बुधवार को 12 लोगों की मौत हुई है।
पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव डॉ़ धनंजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि बुधवार रात जूनियर डॉक्टरों की एक बैठक हुई थी, जिसमें सरकार के रवैये की निंदा करते हुए हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि उनके समर्थन में डीएमसीएच के भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।
इधर, डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर के अध्यक्ष डॉ़ प्रभात ने बताया कि अगर जल्द उनकी मांगे नहीं मानी गई तो अन्य मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर भी हड़ताल पर चले जाएंगे।
हड़ताल के कारण पीएमसीएच और डीएमसीएच से मरीजों दूसरे अस्पतालों में जा रहे हैं। भर्ती मरीजों का कहना है कि उनका इलाज भी सही ढंग से नहीं किया जा रहा है।
पीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ़ आऱ क़े सिंह ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अब तक 61 चिकित्सकों ने योगदान दे दिया है तथा काम शुरूकर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पीएमसीएच के वाडरें में भर्ती 1,440 मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
दूसरी ओर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव ने आईएएनएस को बताया कि पीएमसीएच प्रशासन को हड़ताल पर गए डॉक्टरों की अनुपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, "उनकी मांगों को सरकार पूर्व में ही मान चुकी है तो फिर हड़ताल पर जाने का औचित्य क्या है"?
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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