चिदम्बरम ने नक्सलियों से कहा- हिंसा छोड़ो, हम विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे
नक्सलियों के खिलाफ प्रस्तावित 'ऑपरेशन ग्रीन हंट' को मीडिया की उपज करार देते हुए चिदम्बरम ने एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में कहा, "ऑपरेशन ग्रीन हंट जैसा कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। आप उस अधिकारी का नाम बताइए जिसने कहा है कि यह अभियान चलाया जा रहा है, मैं उसके खिलाफ कार्रवाई करूंगा।"
उन्होंने कहा, "गृह मंत्रालय के किसी भी कागजात में 'ऑपरेशन ग्रीन हंट' शब्द का इस्तेमाल नहीं है। यह पूरी तरह मीडिया की उपज है।"
उन्होंने कहा कि राज्यों के पुलिस बल केंद्रीय अर्धसैनिक बलों व खुफिया एजेंसियों की सहायता से आने वाले कुछ महीनों में उन क्षेत्रों को नियंत्रण में लेने का प्रयास करेंगे, जो नागरिक प्रशासन के नियंत्रण में नहीं है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "नक्सली यदि हथियार छोड़ देते हैं तो मैं उनसे दो से तीन दिन का समय चाहूंगा और इन 72 घंटों के अंदर अपना जवाब दे दूंगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार खनिज संपदाओं से परिपूर्ण क्षेत्रों को अपने नियंत्रण में लेकरन उन्हें निजी कंपनियों को देना चाहती है, इसके जवाब में चिदम्बरम ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करने को तैयार हूं कि वह सभी समझौता ज्ञापनों को रोक दें और झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और दक्षिणी बिहार के सभी समझौता ज्ञापनों की समीक्षा का आदेश दें।"
उन्होंने कहा कि वह वनाधिकारों, औद्योगिकरण, भू-अधिग्रहण और विकास के मुद्दों पर राज्य सरकारों से बातचीत को तैयार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications