तूफान से 7 की मौत, 100 लोग लापता
पांच जिलों में बंटे 760 किलोमीटर लंबे कोंकण तटीय इलाके में लापता मछुआरों की खोज में चार जहाज और चार हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं।
तूफान के कारण मछली मारने की दो बड़ी नौकाएं रेवेंदा और उरान डूब गईं। अधिकारियों ने प्राथमिक तौर पर तूफान से संपत्ति, कृषि और बागवानी को करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया है।
मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की और नुकसान उठाने वालों को 10,000 रुपये से 50,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित रत्नागिरी जिले के उप कलक्टर जे.एम. विरकर ने आईएएनएस से कहा कि गुरुवार को तीन और शव मिलने के साथ यहां मृतकों की संख्या सात हो गई है।
विरकर ने कहा कि 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान की वजह से 96 घर पूरी तरह तबाह हो गए जबकि 7,575 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
रत्नागिरी में बिजली आपूर्ति बड़े पैमाने पर बाधित हो गई है क्योंकि तूफान की वजह से बिजली के सैकड़ों खंभे उखड़ गए।
मुंबई की सीमा से लगते रायगढ़ जिले में भी तूफान की वजह से काफी नुकसान हुआ है। घरों के नष्ट होने की वजह से हजारों लोग स्कूलों और सरकारी भवनों में शरण लेने को मजबूर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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