पारिवारिक समझौते के बारे में जानकारी से इंकार नहीं कर सकती आरआईएल : सर्वोच्च न्यायालय (लीड-1)
इस बारे में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (आरएनआरएल) की ओर से अदालत में उपस्थित वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा ने आरआईएल के उन सातों निदेशकों से पूछताछ की अनुमति चाही जिन्होंने शपथपत्र दाखिल कर दावा किया है कि उन्हें पारिवारिक समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
प्रधान न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन, न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायाधीश पी. सथशिवम की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा, "मुकेश अंबानी के पास पारिवारिक व्यापारिक समझौते की प्रति थी।"
खंडपीठ ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के वकील हरीश साल्वे का जवाब सुनने के बाद कहा, "ऐसे में आप नहीं कह सकते की आरआईएल को समझौते के बारे में पता नहीं था।"
खंडपीठ ने यह टिप्पणी साल्वे के उन तर्को के दौरान की जब वह कह रहे थे कि पारिवारिक समझौता 'निजी जागीर' है न कि यह 'कारपोरेट जागीर'। इसलिए यह उनके मुवक्किल की कंपनी के लिए बाध्य नहीं है।
दोनों भाइयों के बीच विवाद कृष्णा-गोदावरी बेसिन से निकलने वाली गैस में से 2.34 डॉलर प्रति यूनिट की दर से 17 वर्षो तक 2.8 करोड़ यूनिट गैस की आपूर्ति को लेकर है।
गुरुवार की सुनवाई समाप्त होने से पहले जेठमलानी ने कहा कि यदि अदालत आरआईएल के सातों निदेशकों द्वारा दाखिल शपथ पत्र को सबूत के तौर स्वीकार करती है तो उसे उनसे (निदेशकों) पूछताछ की अनुमति जरूर देनी चाहिए। निदेशकों ने शपथपत्र में पारिवारिक समझौते के बारे में जानकारी होने से इंकार किया है।
इससे पहले साल्वे ने यह भी कहा कि पारिवारिक समझौता कंपनी और सरकार के बीच हुए उत्पादन बंटवारा समझौते से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, "आपूर्ति की तारीख तक गैस भारत सरकार के अधीन है।"
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में सरकार की सहमति लेना अनुचित माना गया।
साल्वे ने कहा कि पारिवारिक समझौते में यह परिकल्पित है कि रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड को उसी शर्त पर गैस की आपूर्ति की जाएगी जिस शर्त पर सरकारी कंपनी एनटीपीसी को।
आरआईएल और एनटीपीसी के बीच हुए समझौते में भी गैस की आपूर्ति 2.34 डॉलर प्रति यूनिट से करने की बात कही गई थी, लेकिन इस पर विवाद है और मामला बंबई उच्च न्यायालय के अधीन है।
शुक्रवार को इस मामले में दोपहर दो बजे सुनवाई होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications