भ्रष्टाचार कैंसर की तरह है: राष्ट्रपति
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा 'शासन एवं लोक सेवा' विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला में पाटिल ने कहा, "हमें सिस्टम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना होगा। कैंसर की तरह, भ्रष्टाचार वह बीमारी है जो राष्ट्र से उसकी शक्तियां सोख लेती है। भ्रष्टाचार ने देश को बेहतर बुनियादी संरचनाओं और सुविधाओं से वंचित कर रखा है।"
उन्होंने कहा, "जिस उद्देश्य के लिए पैसा आवंटित किया जाता है उसका कुछ ही हिस्सा जनता तक पहुंच पाता है। नतीजतन हम अपने उद्देश्य से बहुत पीछे रह जाते हैं। उदाहरण के तौर पर जन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार का मतलब होता है जो खाद्यान्न समाज के गरीब तबके के लिए है वह उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसी के चलते गरीबी और भूखमरी मिटाने के हम अपने राष्ट्रीय उद्देश्य से पीछे छूट जाते हैं तथा लोग ठगा हुआ महसूस करते हैं, देश अपने संसाधनों को गंवा बैठता है और हम अन्य देशों से पीछे रह जाते हैं।"
राष्ट्रपति ने कहा, "हमारी सबसे बड़ी विफलता यह रही है कि हम कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अक्षम रहे हैं। इसमें सुधार जरूरी है। इसके लिए सत्ता का विकेंद्रीकरण आवश्यक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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