अगप में फिर विद्रोह, तेज हुआ नेतृत्व परिवर्तन अभियान
सैयद जरीर हुसैन
गुवाहाटी, 12 नवंबर (आईएएनएस)। असम में विधानसभा की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में करारी शिकस्त झेलने वाली असम गण परिषद (अगप) में नेतृत्व परिवर्तन की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।
अगप के उपाध्यक्ष अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "अब समय आ गया है कि पार्टी नेतृत्व जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाओं को समझे। ये कार्यकर्ता व समर्थक नेतृत्व परिवर्तन चाहते हैं। वरिष्ठता के हिसाब से नेतृत्व नहीं सौंपा जाना चाहिए बल्कि इसका आधार प्रदर्शन और क्षमता होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "पार्टी के समर्थकों व कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज करना शीर्ष नेतृत्व को महंगा पड़ेगा।"
अगप के पूर्व अध्यक्ष वृंदावन गोस्वामी ने कहा, "धेकियाजुली की हार पार्टी को तगड़ा झटका है क्योंकि यह हमारा गढ़ माना जाता था।"
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद नेतृत्व परिवर्तन की मांग अब सार्वजनिक रूप से की जाने लगी है। असम विधानसभा की दोनों सीटों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी रहे थे। ये सीटें पहले असम गण परिषद (अगप) और असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एयूडीएफ) के पास थीं।
सोनितपुर जिले की धेकियाजुली सीट पर कांग्रेस के भीमानंद तंती ने अगप के शिब चरण साहू को 21,000 से ज्यादा मतों से परास्त किया था। कांग्रेस यह सीट अगप से छीनने में सफल रही।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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