परमाणु विद्युत उत्पादन में निजी क्षेत्र का प्रवेश चाहता है एसोचैम
एसोचैम की अध्यक्ष स्वाति पिरामल ने बुधवार को एक बयान में कहा है, "अमेरिका और भारत के बीच परमाणु समझौते के पूरे एक साल बीत चुके हैं, लेकिन परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निजी विद्युत कंपनियों के प्रवेश की पहल अभी तक नहीं हो पाई है।"
चैंबर की ओर से कहा गया है कि परमाणु विद्युत उत्पादन में निजी क्षेत्र के प्रवेश के लिए कानून में संशोधन आवश्यक है। चैंबर की ओर से कहा गया है कि निजी क्षेत्र की 40 प्रमुख कंपनियों के पास परमाणु विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आने की योजना है।
निजी कंपनियों को फिलहाल परमाणु विद्युत उत्पादन के लिए टरबाइन जैसे उपकरण बनाने और परमाणु विद्युत निगम जैसी सरकारी कंपनियों को उसकी आपूर्ति करने की अनुमति है।
पिरामल ने कहा है, "कानून में संशोधन में देरी से विद्युत उत्पादन में कमी होगी और इस कारण देश 11वीं पंच वर्षीय योजना (2007-12) की बाकी बची अवधि के दौरान नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने से वंचित रह जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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