तूफानग्रस्त समुद्र में कुछ नावें मिलीं, 60 नावें अभी भी लापता (लीड-4)
मछुआरों की तलाश में जुटी नौसेना ने एक बच्चे सहित आठ लोगों को महाराष्ट्र में रत्नागिरि के दक्षिण समुद्र में लगभग 10 मील दूर पुरणगाद की खाड़ी में एक क्षतिग्रस्त नाव में बरामद कर लिया है। सभी आठों व्यक्तियों को चेतक हेलीकॉप्टर के जरिए किनारे लाया गया।
लेकिन दमन और गुजरात के तटों पर 50 नावें अभी भी लापता हैं। दमन मछलीमार संघ के अध्यक्ष गोपाल तांडेल ने आईएएनएस से कहा, "लगभग 500 मछुआरों सहित 50 नावें अभी भी समुद्र में लापता हैं और वे चक्रवाती तूफान के रास्ते में फंसी हुई हैं।"
तांडेल ने कहा, "कुल 80 नावें मछली पकड़ने के लिए निकली थीं, लेकिन उनमें से लगभग 30 नावें या तो वापस लौट आई हैं या फिर लौट रही हैं।"
दमन के प्रशासक सत्य गोपाल ने कहा है कि तट रक्षक अधिकारियों ने मछुआरों की नावों को वापस लौटने की चेतावनी देने के लिए एक डोर्नियर विमान भेजा था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से प्रशासन की ओर से मछुआरों को विशेष चेतावनी दी जा रही थी कि वे समुद्र में न जाएं।
गोवा में राज्य मत्स्य पालन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 10 नावें अभी भी लापता हैं और इस बात की आशंका है कि तूफान के कारण वे उत्तर की ओर बढ़ चली हैं। गोवा स्थित तट रक्षक बल के विमान और पोत बुधवार सुबह से ही लापता नावों की तलाश में जुटे हुए हैं।
राज्य मत्स्य पालन विभाग की उपनिदेशक शामिला मोनतीरो ने कहा है कि उनका विभाग तट रक्षक बल के बराबर संपर्क में है। मोनतीरो ने आईएएनएस से कहा, "प्रत्येक नाव पर सात से 30 मछुआरे सवार हैं।"
मंडावी मत्स्य सहकारी समिति के अध्यक्ष मेनिनो अफोन्सो ने कहा है कि कई सारी नावें चक्रवाती तूफान के साथ महाराष्ट्र तट की ओर चली गई हैं।
इसके पहले बुधवार अपराह्न् तूफान के अरब सागर के ऊपर भयानक रूप से आगे बढ़ने के साथ ही देश के पश्चिमी तटीय राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। मुंबई में स्कूल, कॉलेज और कार्यालय बंद कर दिए गए और भारी बारिश के बीच लोग तेजी के साथ अपने-अपने घरों की ओर भाग चले।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र के अलीबाग, रायगढ़, बृहन्मुंबई और ठाणे जिलों में तथा गुजरात के वलसाड जिले में समुद्र में एक मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठने का अनुमान व्यक्त किया था।
आईएमडी की वेबसाइट पर कहा गया था कि चूंकि रेड अलर्ट घोषित किया जा चुका है, लिहाजा तटीय बस्तियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और पेड़ की शाखाएं टूट सकती हैं, विद्युत व संचार लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ ने कहा, "जिला प्रशासन, पुलिस, नागरिक और परिवहन प्राधिकरणों, अग्निशमन विभाग, होम गार्ड, तट रक्षक और नौसेना जैसी सभी आपदा नियंत्रण एजेंसियों को मौसम संबंधी किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हाईअलर्ट कर दिया गया है।"
लोगों को घरों में रहने तथा पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई, क्योंकि तूफान के 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की आशंका रही और ऐसे में पेड़ों के जड़ से उखड़ने का खतरा बना हुआ था।
प्रशासन ने नागरिकों को चर्चगेट, नरीमन पॉइंट, कोलाबा, वर्ली, बांद्रा, जुहू, वर्सोवा, मार्वे, भायंदर और वसई जैसे तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी, क्योंकि शाम तक इन इलाकों में समुद्र के किनारे ऊंची लहरें उठ सकती थी।
स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय अपराह्न् एक बजे बंद कर दिए गए और निजी कंपनियों को भी ऐसा ही करने की हिदायत दी गई।
लगातार बारिश और आसमान में बादल के कारण मुंबई में कई उड़ानों में देरी हुई। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी के अनुसार मुंबई आने वाली उड़ानों में एक घंटे की देरी हुई, जबकि मुंबई से प्रस्थान करने वाली उड़ानों में 15 मिनट की देरी हुई।
शहर के मुख्य मार्गो पर यातायात जाम की स्थिति बनी रही, लेकिन उपनगरीय रेल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। मध्य रेलवे और पश्विम रेलवे ने यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाईं।
महाराष्ट्र के उत्तरी तट पर स्थित कारखानों से विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया।
केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के अलावा लक्षद्वीप में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।
गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) के प्रमुख रंजीत बनर्जी ने कहा कि 12 तटीय जिलों के तूफान संभावी 175 गांवों में आपातकालीन उपायों को सक्रिय कर दिया गया है। बनर्जी ने कहा, "हमारे पास एक अलग किस्म की आपदा प्रबंधन योजना है और इस तरह की आपदा से निपटने के लिए एक व्यवस्थित तंत्र है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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