इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध की नहरों के निर्माण पर रोक
नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से दायर याचिका पर न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले में मध्य प्रदेश सरकार, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण को आदेश दिया है कि लाभ क्षेत्र विकास योजना केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को प्रस्तुत की जाए और मूल्यांकन नियुक्त विशेषज्ञ समिति से कराने के बाद ही कार्य किया जाए।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के लिए प्रस्तुत पुनर्वास नीति पर अमल किया जाए। साथ ही जीने का अधिकार पाने के लिए वैकल्पिक जमीन तथा वयस्क पुत्र को जमीन, भूमिहीनों को वैकल्पिक व्यवसाय के लिए अनुदान आदि दिया जाए। इतना ही नहीं डूब क्षेत्र के विस्थापितों एवं प्रभावितों और नहर प्रभावितों के बीच समान व्यवहार किया जाए। इसमें भेद किया जाना संविधान की धारा 14 का उल्लंघन माना जाएगा।
न्यायालय ने नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण तीन माह में पुनर्वास नीति ,पर्यावरणीय शतरें की पूर्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications