देश का आतंक निरोधी तंत्र अपर्याप्त : फिक्की
फिक्की ने कहा है, "जब तक सख्त उपाय नहीं किए जाते, तब तक इस बात का कोई भरोसा नहीं कि देश अगला बड़ा आतंकी हमला रोक पाने में सक्षम होगा और भारत की प्रगति की कहानी के बारे में वैश्विक निवेशकों को भरोसा दिला पाएगा।"
'राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद पर कार्य बल रिपोर्ट' में फिक्की ने कहा है, "ज्यादातर निजी व्यापारिक घराने और बेगुनाह लोग आतंकियों के निशाने पर हैं। इसके पीछे व्यापारिक भावनाओं और देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने का मकसद है।"
फिक्की द्वारा तैयार की गई 118 पृष्ठों की यह रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। इसका अगला खंड अगले वर्ष के प्रारंभ में जारी किया जाएगा।
कार्यबल में पूर्व नौकरशाह, खुफिया व रक्षा अधिकारी और व्यापारी नेता शामिल हैं। इसमें फिक्की के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राजीव चंद्रशेखर, फिक्की के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र के.मोदी, फिक्की के महासचिव अमित मित्रा, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सतीश नांबियार, पूर्व वायुसेना प्रमुख एस.कृष्णास्वामी, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के पूर्व प्रमुख वेद प्रकाश मारवाह और इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक अजित कुमार डोवाल शामिल हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है, "सबसे बड़ा बाहरी खतरा आईएसआई (इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस) और पाकिस्तान स्थित कट्टरपंथी संगठनों द्वारा समर्थित आतंकवाद से है।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "वर्तमान तंत्र आतंकवाद को रोक पाने में बुरी तरह अपर्याप्त है। ऐसा लगता है कि सभी सैन्य तैयारियां भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले अराजक तत्वों से निपटने में अक्षम हैं।"
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, "व्यापारिक समुदाय को सक्रिय रुख अपनाना है और आतंकवाद के खिलाफ अपने देश की लड़ाई को मजबूती प्रदान करने में योगदान करना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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