पश्चिमी तट पर चक्रवाती तूफान 'फयान' को लेकर हाई अलर्ट (लीड-3)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र के अलीबाग, रायगढ़, बृहन्मुंबई और ठाणे जिलों में तथा गुजरात के वलसाड जिले में समुद्र में एक मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठने का अनुमान व्यक्त किया है।
आईएमडी की वेबसाइट पर कहा गया है कि चूंकि रेड अलर्ट घोषित किया जा चुका है, लिहाजा तटीय बस्तियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और पेड़ की शाखाएं टूट सकती हैं, विद्युत व संचार लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ ने कहा है, "जिला प्रशासन, पुलिस, नागरिक और परिवहन प्राधिकरणों, अग्निशमन विभाग, होम गार्ड, तट रक्षक और नौसेना जैसी सभी आपदा नियंत्रण एजेंसियों को मौसम संबंधी किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हाईअलर्ट कर दिया गया है।"
लोगों को घरों में रहने तथा पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तूफान के 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की आशंका हैं और ऐसे में पेड़ों के जड़ से उखड़ने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने नागरिकों को चर्चगेट, नरीमन पॉइंट, कोलाबा, वर्ली, बांद्रा, जुहू, वर्सोवा, मार्वे, भायंदर और वसई जैसे तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि शाम तक इन इलाकों में समुद्र के किनारे ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय अपराह्न् एक बजे बंद कर दिए गए और निजी कंपनियों को भी ऐसा ही करने की हिदायत दी गई।
लगातार बारिश और आसमान में बादल के कारण मुंबई में कई उड़ानों में देरी हुई है। छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी के अनुसार मुंबई आने वाली उड़ानें एक घंटे देरी से आ रही हैं, जबकि मुंबई से प्रस्थान करने वाली उड़ानों में 15 मिनट की देरी हो रही है।
शहर के मुख्य मार्गो पर यातायात जाम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन उपनगरीय रेल सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। मध्य रेलवे और पश्विम रेलवे ने यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाई है।
महाराष्ट्र के उत्तरी तट पर स्थित कारखानों से विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात के अलावा लक्षद्वीप में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। लेकिन 800 मछुआरों सहित लगभग 80 नावें समुद्र में लापता हैं और तट रक्षक बल के विमान उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। 'बांबे हाई' के तेल कुओं की सुरक्षा मजबूत कर दी गई है।
गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) के प्रमुख रंजीत बनर्जी ने कहा है कि 12 तटीय जिलों के तूफान संभावी 175 गांवों में आपातकालीन उपायों को सक्रिय कर दिया गया है। बनर्जी ने कहा, "हमारे पास एक अलग किस्म की आपदा प्रबंधन योजना है और इस तरह की आपदा से निपटने के लिए एक व्यवस्थित तंत्र है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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