उपचुनाव के नतीजे से अलग गोरखालैंड की मांग को मिलेगा बल
कोलकाता, 11 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की कालचीनी विधानसभा सीट पर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार की जीत से अलग गोरखालैंड आंदोलन को बल मिलने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
जलपाईगुड़ी जिले की इस सीट पर विल्सन चंपामारी ने आदिवासी विकास परिषद के उम्मीदवार को हराया। इस सीट पर अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवार बहुत पीछे छूट गए।
राज्य के लोक निर्माण मंत्री और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के वरिष्ठ नेता क्षिती गोस्वामी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "चंपामारी की जीत गोरखलैंड आंदोलन को मजबूत बनाएगी और अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को हवा देगी।"
कांग्रेस नेता मानस भूनिया ने कहा, "कालचीनी के परिणाम हमारे लिए चिंता की बात है। कांग्रेस वहां हार गई है इसलिए हमारे कार्यकर्ताओं को बैठ नहीं जाना चाहिए। हो सकता है कि कल पहाड़ी और तराई क्षेत्र के लोगों का संघर्ष जलपाईगुड़ी से बाहर निकले और पूरे राज्य की एकता को खतरे में डाल दे।"
जीजेएम के महासचिव रोशन गिरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "उपचुनाव का परिणाम अलग गोरखालैंड राज्य के लिए हैं। हजारों लोगों ने हमारी मांग का समर्थन किया है। हमें अपने आंदोलन को एक कदम आगे बढ़ाने में यह जीत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"
राजनीतिक जानकारों की माने तो यह परिणाम अलग गोरखालैंड की मांग को और हवा देगा।
राजनीतिक विशेषज्ञ सव्यसाची बासु रॉयचौधरी कहते हैं, "कालचीनी के परिणाम बहुत अहम है। जीजेएम के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार का जीतने से राज्य के मौजूदा राजनीतिक सीमा और भूगोल पर दबाव बढ़ेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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