जल संसाधन पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव महत्वपूर्ण चुनौती : बंसल
बंसल ने 'त्वरित सिचाई लाभ कार्यक्रम' विषयक सलाहकार समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए बताया कि सरकार ने सिचाई क्षमता विकसित करने पर पंचवर्षीय योजना में खास जोर दिया है। प्रथम योजना की शुरूआत में सिंचाई क्षमता 2 करोड़ 26 लाख हेक्टेयर थी जो इस समय 10 करोड़ 60 लाख हेक्टेयर हो गई है।
बंसल ने कहा कि जल क्षेत्र में हमें नई चुनौतियों का सामना करना है। इनमें प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता, जल की गुणवत्ता में गिरावट, कुछ इलाकों में अधिक जल दोहन के कारण भूजल स्तर में कमी, आदि शामिल हैं। उन्होंने वाष्पीकरण और अन्य तरीकों से पानी के नुकसान पर चिन्ता जाहिर की। उन्होंने बताया कि इस समय 1869 अरब घन मीटर पानी ही उपलब्ध है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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