भारत थोपे गए युद्ध का जवाब देने में सक्षम : राष्ट्रपति (लीड-1)
वायुसेना की 47 वीं स्क्वोड्रन एवं टेक्टिक्स एण्ड एयर काम्बेट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट विंग (टीएसीडीई) को कलर प्रदान करते हुए पाटिल ने मंगलवार को भारतीय सैन्य शक्ति का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि देश के हितों को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सुरक्षा और आक्रामक क्षमता का होना जरूरी है। एक राष्ट्र के रूप में हम शांति बनाए रखने के लिए संकल्पित हैं मगर राष्ट्र की संप्रभुता के लिए हर जरूरी कार्रवाई करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि इन इकाइयों के विशिष्टतापूर्ण कार्यनिष्पादन को मान्यता देते हुए वह इन्हें प्रेसिडेंशियल स्टैंडर्ड से पुरस्कृत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर को वह 47 स्क्वाड्रन और टीएसीडीई के कर्मचारियों की राष्ट्र के प्रति उनकी समर्पित और निस्वार्थ सेवा के लिए उनकी सराहना के रूप में लेती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र इनसे गौरवान्वित है। उन्होंने इन इकाइयों के कर्मचारियों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।
ग्वालियर में वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल पी़ वी़ नाइक की उपस्थिति में विग कमांडर विकास शर्मा और कोमोडोर कमांडेंट एयर वाइस मार्शल अरूप राहा तथा बाद में टीएसीडीई के कमांडेंट ग्रुप कैप्टन सूरत सिह तथा कमोडोर कमांडेंट एयर मार्शल एस. मुखर्जी ने ये सम्मान प्राप्त किए।
इस मौके पर एयर शो भी हुआ। इस मौके पर विमान मिग21, मिग 27 और मिग 29 के अलावा अवाक्स, सुखोई और सारंग हेलीकाप्टर ने आकर्षक कलाबाजी का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर फर्स्ट डे कवर और विवरणिका का लोकार्पण किया। अवाक्स विमानों ने फ्लाई-पास्ट किया। बाद में राष्ट्रपति ने दोनों इकाइयों और हवाई अड्डे के अन्य विमान योद्धाओं से बातचीत की। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर, मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान और वायु सेना के मार्शल अर्जन सिह भी मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यू सर्विस।
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