येदियुरप्पा ने अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश वापस लिए
मुख्यमंत्री ने आदेश जारी कर बी. शिवप्पा को बेल्लारी के उपायुक्त, सीमांत कुमार सिंह को बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक और एन. वी. प्रसाद को गडग जिले में उपायुक्त के पद पर फिर से बहाल कर दिया। येदियुरप्पा ने पर्यटन मंत्री जनार्दन रेड्डी, राजस्व मंत्री जी. करूणाकर रेड्डी और उनके करीबी स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु को खुली चुनौती देते हुए तीन सप्ताह पहले इन अधिकारियों का तबादला कर दिया था।
इसके बाद रेड्डी बंधुओं ने येदियुरप्पा को हटाए जाने के लिए अभियान चलाया जो कि एक पखवाड़े से अधिक समय तक चला। अंतत: मुख्यमंत्री को रेड्डी बंधुओं के आगे झुकना पड़ा। रेड्डी बंधुओं ने येदियुरप्पा को हटाए जाने की मांग तो छोड़ दी लेकिन समझौता करने के लिए जो फार्मूला तैयार किया गया था, उसमें रेड्डी बंधुओं की अन्य मांगे मान ली गईं।
इसी के तहत उन्होंने पहले अपने प्रमुख सचिव वी. पी. बलिगर का तबादला किया और फिर अपने मंत्रिमंडल से पंचायती राज व ग्रामीण विकास मंत्री शोभा करंदलजे का इस्तीफा दिलवाया। अब उन्होंने वे आदेश वापस ले लिए हैं जिसके तहत उन्होंने रेड्डी बंधुओं के करीबी तीन अधिकारियों का तबादला कर दिया था।
बहरहाल, प्रदेश भाजपा के कई नेता इस फार्मूले पर अब सवाल उठा रहे हैं। इन नेताओं का मानना है कि इससे पार्टी की छवि को धक्का पहुंचा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सदानंद गौड़ा और गृह मंत्री वी. एस. आचार्य ने स्वीकार किया कि जिस तरह से असंतुष्टों ने खुल्लमखुल्ला बगावती तेवर दिखाए और जिस तरह से इसके समाधान का फार्मूला निकाला गया, उससे पार्टी और सरकार दोनों की छवि को तगड़ा झटका लगा है।
गौड़ा ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "यह समझना कि समस्या का समाधान हो गया है, बेवकूफी होगी।"
आचार्य ने संवाददाताओं से कहा, "पार्टी की छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है। इसे पुन: स्थापित करने के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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