विवादास्पद आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन होगा : प्रधानमंत्री
अगरतला, 10 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने त्रिपुरा के जनजातीय नेताओं को आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार विवादास्पद सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम (एफएसपीए),1958 में उपयुक्त संशोधन करेगी।
यह कानून सुरक्षा बलों को किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार करने और मौके पर ही गोली मारने का अधिकार देता है।
नई दिल्ली में पिछले महीने इंडिजिनियस नेशनल पार्टी ऑफ त्रिपुरा (आईएनपीटी) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने यह आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
बैठक में गृह मंत्री पी.चिदंबरम, जनजातीय कल्याण मंत्री कांतिलाल भूरिया, योजना और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री वी.नारायणस्वामी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन और गृह सचिव जी.के. पिल्लई उपस्थित थे।
त्रिपुरा के पूर्व मंत्री और आईएनपीटी महासचिव रबिंद्र देबबर्मा ने कहा कि मनमोहन सिंह और चिदंबरम ने उनको आश्वस्त किया कि एएफएसपीए के कुछ प्रावधानों में संशोधन के लिए केंद्र अब कार्य कर रहा है।
नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि कानून के विवादास्पद प्रावधानों में होने वाले संशोधन तय कर लिये गये हैं और उन्हें मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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