हिंदू-मुसलमानों ने एक सुर में गाया वंदे मातरम

पिछले दिनों देवबंद में वंदे मातरम् के खिलाफ फतवा जारी किया गया था। इसी को लेकर बैतूल के श्री रुक्मणि बालाजी मंदिर बालाजीपुरम् ने रविवार को अनूठी पहल की। मंदिर परिसर में सामूहिक वंदे मातरम् का गायन हुआ ।
बच्चों, बुजुर्गों ने निकाली रैली
वंदेमातरम् के गान के बाद हाथों में तिरंगा थामें बच्चों और बुजुर्गो ने जयघोष के साथ रैली निकाली। यह रैली बैतूलबाजार पहुंची, तो जामा मस्जिद में इमाम हाफिज अब्दुल राजिद ने इन सभी को मस्जिद के सामने वंदे मातरम् गायन के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान यहां शाहिद, अनीस, इश्तियाक आदि ने भी इन सभी के साथ वंदे मातरम् गाया।
बालाजीपुरम् मंदिर संस्थापक अप्रवासी भारतीय सेम वर्मा का कहना है कि मां की पूजा करना प्रत्येक धर्म में सिखाया गया है। भगवान बालाजी के पूजन से पहले भी धरती माता की पूजा की जाती है। किसी भी धर्म में मां की पूजा को गलत नहीं बताया गया है। ऐसे में इस राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को अधार्मिक कहना गलत है। बैतूल बाजार की जामा मस्जिद में इमाम अब्दुल राजिक ने कहा कि वंदे मातरम् के गायन में कोई गैर इस्लामिक बात नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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