अफगानिस्तान भारतीय प्रभाव में, आईएसआई की आतंकवादी संगठनों में पेंठ : मुशर्रफ
वाशिंगटन, 9 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान भारतीय खुफिया एजेंसियों के प्रभाव में है, यद्यपि उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) की पेंठ प्रत्येक आतंकवादी संगठन में है।
मुशर्रफ ने रविवार को सीएनएन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा, "अफगान इंटेलीजेंस, अफगान राष्ट्रपति, अफगान सरकार इन पर बात मत करें। मुझे पता है वे क्या करते हैं। वे इरादतन दुनिया को गुमराह करते हैं।"
यह पूछने पर कि अमेरिकी खुफिया विभाग, अफगान सरकार और अफगान खुफिया विभाग सभी यह कहते हैं कि तालिबान का नेता मुल्ला उमर पाकिस्तान में है, तो मुशर्रफ ने जवाब में कहा, "वे पाकिस्तान के खिलाफ इसलिए बोलते हैं क्योंकि वे सभी भारतीय खुफिया एजेंसियों के प्रभाव में हैं।"
इस समय लंदन में रह रहे मुशर्रफ ने कहा कि अफगान खुफिया तंत्र पूरी तरह भारतीय खुफिया तंत्र के प्रभाव में है। मुशर्रफ ने दावा किया कि उनके पास इसके दस्तावेजी सबूत हैं और उन्होंने इससे सभी को अवगत करा दिया है।
यह पूछे जाने पर कि अफगानिस्तान को भारतीय प्रभाव में देखकर ही क्या पाकिस्तान वास्तव में उसकी सहायता करने का अनिच्छुक है, मुशर्रफ ने कहा, "नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह मामला नहीं है।"
पाकिस्तानी सेना के पूर्व अध्यक्ष मुशर्रफ ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) की पेंठ हर आतंकवादी संगठन में है लेकिन आईएसआई के अभी भी तालिबान आतंकवादियों को समर्थन देने संबंधी अमेरिकी नेताओं के बयानों और रिपोर्टों से इंकार किया।
उन्होंने कहा कि आईएसआई आतंकवादी संगठनों का समर्थन नहीं करती। यह सरकार नीति नहीं है। यह सैनिक नीति नहीं है। बहरहाल उन तक पेंठ अवश्य होगी।
मुशर्रफ ने कहा, "हमेशा, हर समूह में आईएसआई की पहुंच रही है। यह आईएसआई की कुशलता और प्रभाव है। आप की पहुंच होनी चाहिए, इससे आप सभी संगठनों को प्रभावित कर सकते हैं।"
मुशर्रफ ने कहा कि अमेरिका और अन्य विदेशी फौजों का अफगानिस्तान में स्वागत नहीं हुआ लेकिन अब वे वहां हैं तो उनको अल कायदा और तालिबान का सफाया किए बगैर वापस नहीं लौटना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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