ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता की बयार की कहानी है वेव्स इन द हिंटरलैंड
पुस्तक लोकार्पण का कार्यक्रम इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार भी मौजूद थे।
यह पुस्तक 'निरंतर' नामक एक गैर सरकारी संगठन की सहायता से बुंदेली भाषा में छप रहे पाक्षिक अखबार 'खबर लहरिया' के अब तक के सफर की कहानी बयान करती है।
प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टुली ने इस अवसर पर कहा, "ग्रामीण पत्रकारिता को बढ़ावा देने की जरूरत है। दिवंगत पत्रकार प्रभाष जोशी इस दिशा में काम कर रहे थे लेकिन अब वह भी नहीं रहे।"
योजना आयोग की सदस्य सईदा हमीद ने कहा, "मुख्यधारा के मीडिया को अब गांवों में काम करना चाहिए। देश में अभी भी बहुत ऐसे क्षेत्र हैं जहां विकास की किरणें नहीं पहुंच सकी है। मुख्यधारा के मीडिया को इस दिशा में काम करने की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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