एक माह में गिरेंगी अनाज की कीमतें : वित्त मंत्री (लीड-1)
समूह-20 (जी-20) के वित्त मंत्रियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि दिसंबर 2009 से फरवरी 2009 के बीच जारी किए गए प्रोत्साहन पैकेजों का जो उद्देश्य था उसे हासिल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन्हीं पैकेजों के परिणाम स्वरूप बीते वित्त वर्ष में विकास की दर 6.7 फीसदी रही।
उन्होंने कहा, "अनाजों का उत्पादन प्रभावित हुआ है लेकिन इनका भंडारण पर्याप्त है, करीब 80 लाख टन गेहूं और करीब 70 लाख टन चावल का भंडार मौजूद है।"
उन्होंने कहा, "हमने मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए बिना किसी कर के कमोडिटी के आयात की मंजूरी दी है।"
यद्यपि, उन्होंने वर्तमान प्रोत्साहन पैकेजों को वापस लिए जाने के बारे में कोई निश्चित समय सीमा तय करने से बचते हुए कहा कि इस बारे में सरकार तय करेगी और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और विकास की दर पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि बारिश में कमी और कुछ इलाकों में बाढ़ के कारण कृषि उत्पादन में कमी की आशंका है जिससे कि विकास दर पर प्रतिकूल असर पड़ा है। अगर मानसून की स्थिति ठीक रहती तो विकास की दर 6.7 फीसदी से ज्यादा हो सकती थी।
उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन पैकेजों को वापस लेने के बारे में जी-20 के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा लेकिन समन्यव का मतलब स्पष्ट तारीख तय करना नहीं है।
मुखर्जी ने कहा, "हम यह तय करेंगे कि हमें कैसे पैकेजों को वापस लेना है। आगे किसी प्रोत्साहन पैकेज का सवाल ही नहीं उठता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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