दलाई लामा को सुनने उमड़ा मानव सैलाब
तावांग (अरूणाचल प्रदेश), 9 नवंबर (आईएएनएस)। अरूणाचल प्रदेश के तवांग कस्बे में सोमवार से शुरू हुए दलाई लामा के तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में जैसे मानव सैलाब उमड़ पड़ा है। कैलीफोर्निया से लेकर तवांग तक के लोग दलाई लामा के उपदेश सुनने के लिए यहां उपस्थित हैं।
कैलीफोर्निया में सान फ्रांसिस्को की 20 वर्षीय छात्रा बेलीज लेन सोमवार को दलाई लामा के प्रवचन सुनकर अभिभूत है।
बेलीज ने भावुक स्वर में आईएएनएस से कहा, "दलाई लामा के उपदेशों को सुनकर मैं इतनी प्रभावित हूं कि उसकी अभिव्यक्ति के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।"
बेलीज अरूणाचल प्रदेश के तवांग कस्बे में सोमवार से शुरू हुए दलाई लामा के तीन दिवसीय धार्मिक प्रवचन में हिस्सा लेने आई हैं।
बेलीज की तरह स्पेन के एक कॉलेज के छात्र मार्टा भी इस आयोजन में हिस्सा लेकर अति प्रसन्न हैं।
मार्टा ने कहा, "मेरी खुशकिस्मत है कि मैं इस चकित करने वाले आयोजन में हिस्सा ले सका।" इस आयोजन में पड़ोसी देशों नेपाल व भूटान सहित दुनियाभर से 100 से अधिक श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं।
प्रार्थना सत्र में हिस्सा लेने के बाद एक जर्मन दंपति ने कहा, "हम दलाई लामा के हाथों दिए गए एक पौधे के रूप में एक पवित्र स्मृति चिह्न् अपने देश ले जा रहे हैं।"
शेरबा लामा भले ही अरूणाचल प्रदेश में रहते हों, लेकिन उन्हें इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए अपने सीमावर्ती गांव से तवांग पहुंचने के लिए दुर्गम पहाड़ियों की दिनभर की यात्रा करनी पड़ी।
उपदेश सुनने के लिए खुले आकाश के नीचे जमीन पर पालथी मार कर बैठे लामा ने कहा, "दलाई लामा हमारे भगवान हैं, वह जीवित बुद्ध हैं। दलाई लामा की झलक मात्र से उन्हें देखने वाले के अंदर अध्यात्मिक शक्ति पैदा हो जाती है।"
दलाई लामा के उपदेश सुनने के लिए यहां हजारों की संख्या में युवक, वृद्ध अपनी पारंपरिक पोशाकों में और भिक्षु लोग अपने लाल रंग के लिबास में ऐसे दृश्य पैदा कर रहे हैं कि उसकी व्याख्या कर पाना कठिन है।
अपने उपदेश के दौरान दलाई लामा ने कहा, "आने वाली पीढ़ी के लिए बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार करने के अलावा आप सभी लोगों को विश्व बंधुत्व और करुणा का संदेश भी फैलाना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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