महाराष्ट्र विधानसभा में मनसे विधायकों का अबू आजमी पर हमला (लीड-1)
सदन के पहले दिन की कार्यवाही सुचारू रूप से आरंभ हुई। विधायक एक-एक करके शपथ ले रहे थे। परंतु जब आजमी की शपथ लेने की बारी आई तो मनसे विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
उल्लेखनीय है कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार सुबह नवनिर्वाचित सभी 288 विधायकों को एक तथाकथित 'खुला पत्र' लिखकर उनसे आग्रह किया था कि वे मराठी भाषा में शपथ लें। परंतु आजमी ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वह राज की इन असंवैधानिक धमकियों से नहीं डरेंगे और राष्ट्र भाषा हिंदी में ही शपथ लेंगे।
सोमवार दोपहर सदन के भीतर आजमी ने जैसे ही हिंदी में शपथ लेनी आरंभ की, तभी मनसे विधायक नारेबाजी करते हुए उनकी ओर झपटे। इसके बाद भी आजमी ने हिंदी में शपथ लेना जारी रखा। मनसे विधायक रमेश बांजले ने आजमी के सामने रखा माइक्रोफोन ही उखाड़ लिया और उन्हें धक्का देकर वहां से दूर कर दिया।
इसके बाद मनसे के अन्य विधायकों ने भी आजमी को घेर लिया। इस दौरान टेलीविजन फुटेज में देखा गया कि मनसे विधायक राम कदम ने उन्हें थप्पड़ मारा और उनके चेहरे व सीने पर भी वार किया।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र दर्दा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) के अजित पवार, वकर्स पार्टी की नेता मीनाक्षी पाटिल और कई अन्य विधायक आजमी के बचाव में उनकी ओर बढ़े तो मनसे विधायकों ने उन्हें भी दूर धकेल दिया। मनसे विधायकों ने हाथों में बैनर ले रखे थे।
इस हंगामे को देखते हुए विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष गणपतराव देशमुख ने सदन की कार्यवाही तत्काल आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।
मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण भी इस दौरान सदन में बैठे थे। उन्होंने इस घटना को अफसोसजनक करार दिया और आग्रह किया कि विधायकों के साथ कड़ाई पेश आना चाहिए।
मनसे प्रवक्ता शिरीश पारकर ने पार्टी विधायकों के कदम का बचाव करते हुए यह दलील तक दे डाली कि हिंदी देश की राष्ट्र भाषा नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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