नक्सली आंदोलन में हिंसा का स्थान नहीं : रामचंद्रन
पार्टी के अखिल भारतीय विशेष सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां आए रामचंद्रन ने रविवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि सरकारों ने माओवादियों और नक्सलवादियों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने दोनों संगठनों की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि माओवादी संगठित गिरोह बनाते हैं और हिंसा का सहारा लेते है ,जबकि नक्सलवादी जनता को अधिकारों के लिए जागृत कर आंदोलन के लिए प्रेरित करते है।
उन्होंने नक्सलवादी आंदोलन की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के नक्सलवाड़ी में जमीन को लेकर इस आंदोलन का जन्म हुआ था। बाद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन हुआ जिसमें गोदामों पर कब्जा किया गया। आखिरकार सरकार को इस व्यवस्था में सुधार लाने के कदम उठाना पड़े थे।
भोपाल में चल रहे सम्मेलन की रैली में नक्सलवाद के समर्थन में नारे लगाए जाने पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह समाज में अधिकारों के प्रति जागृति लाने वाला आंदोलन है और यह नारे आगे भी लगते रहेंगे। इस सम्मेलन में जर्मनी, अर्जेंटीना और नेपाल के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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