चीन से हथियार पा रहे हैं नक्सली : गृह सचिव (लीड-1)
पिल्लई ने यहां संवाददाताओं को बताया, "नक्सली मार्क्सवाद और लेनिनवाद का अनुसरण करते हैं और उनकी अपनी खुद की विचारधारा है। चीनी लोग छोटे हथियारों के बड़े आपूर्तिकर्ता हैं और मैं पूरी तरह बाखबर हूं कि नक्सलियों को हथियार उन्हीं से मिल रहे हैं।"
लेकिन पिल्लई ने यह नहीं बताया कि नक्सली, चीनी हथियारों के तस्करों या सरकारी एजेंसियों से कहां हथियार पा रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन के साथ नक्सलियों के संबंध हथियारों के अलावा भी हैं, इस पर पिल्लई ने कहा, "यह सवाल आपको नक्सलियों से पूछना चाहिए।"
पिल्लई ने इसके पहले नेपाली माओवादियों के साथ नक्सलियों का संबंध बताया था। लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि नक्सलियों को नेपाली माओवादियों द्वारा मदद या हथियार मुहैया कराने का कोई स्पष्ट सबूत नहीं है।
वामपंथी चरमपंथी संगठनों से संबद्ध सशस्त्र नक्सली भारतीय संविधान और कानून को नहीं मानते और देश के 220 से अधिक जिलों में सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं। खासतौर से देश के मध्य, पूर्व और दक्षिणी हिस्सों में जनजातीय व वंचित समुदायों की आबादी वाले इलाकों में उनका वर्चस्व है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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