मुरलीधरन की कांग्रेस में वापसी को लेकर केरल कांग्रेस में मतभेद
मुरलीधरन को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 2005 में कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने पिता के. करूणाकरण के साथ मिलकर लोकतांत्रिक इंदिरा कांग्रेस-करूणाकरण का गठन किया था। एक साल बाद उनकी पार्टी का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में विलय हो गया।
गत एक अगस्त को मुरलीधरन को राकांपा से भी निष्कासित कर दिया गया। वह कांग्रेस में वापसी के इच्छुक थे।
अगस्त महीने में हुई कांग्रेस की राज्य कार्यसमिति की बैठक में फैसला हुआ था कि मुरलीधरन की पार्टी में वापसी नहीं होगी। लेकिन हाल ही में गृह राज्य मंत्री एम. रामचंद्रन ने मुरलीधरन की पार्टी में वापसी की वकालत की थी। तभी से कांग्रेस में उनकी वापसी को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चेन्निथला ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "कार्यसमिति में लिए गए फैसले पर हम अब भी अडिग हैं। इस फैसले से पीछे हटने की कोई जरूरत नहीं है।"
रामचंद्रन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आज कहा, "मुरलीधरन सच्चे कांग्रेसी हैं और उनके विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए। कांग्रेस में उनकी वापसी को कोई भी नहीं रोक सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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