'अमेरिकी दूतावास पर हमले की साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े'
पिछले दिनों चटगांव से गिरफ्तार किए गए मुफ्ती हारून इजहार ने जांच अधिकारियों को बताया कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक सरगना ने फोन पर इस हमले की साजिश कीर चर्चा की थी। लश्कर आतंकवादी ने हारून अरबी में इस साजिश के बारे में अरबी भाषा में बताया था। उल्लेखनीय है कि हारून एक मदरसे में पढ़ाता था।
उसने बताया कि अमेरिकी दूतावास के अलावा ढाका में स्थित भारत और ब्रिटेन के उच्चायोग को भी निशाना बनाया जा सकता था।
जांच शाखा एक अधिकारी ने स्थानीय समाचार पत्र 'द न्यू नेशन' को बताया कि हारून के तीन साथियों से अक्टूबर को कहा गया था कि वे ढाका के बारीधारा इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास का दौरा करें।
तीन संदिग्ध आतंकवादियों की मुफ्ती हारून इजहार (33), शहिदुल इस्लाम (26) और अली अमीन ऊर्फ सैफल को बुधवार देर रात चटंगाव के लालखान बाजार से गिरफ्तार किया गया था।
जांच शाखा के सहायक आयुक्त सनोवर हुसैन ने बताया कि मुफ्ती हारून से वह मोबाइल फोन बरामद किया गया है जिसके जरिए इस साजिश की योजना बनाई गई थी। छह अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
हुसैन के अनुसार विगत 28 अक्टूबर को हारून की मोबाइल पर दिन में दो बार फोन आया था। पहला फोन दिन में 2.15 बजे और दूसरा 3.03 बजे के आसपास आया था।
बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि लश्कर से इन तीनों गिरफ्तार आंतकवादियों को अमेरिकी दूतावास पर हमले का सीधा फरमान मिला था। इसके अलावा उनसे बांग्लादेश के अन्य महत्वूर्ण स्थानों पर हमले के लिए कहा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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