तवांग में दलाई का भव्य स्वागत (लीड-1)
तवांग (अरूणाचल प्रदेश), 8 नवंबर (आईएएनएस)। पड़ोसी चीन के ऐतराज के बावजूद तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा रविवार को अरूणाचल प्रदेश के तवांग पहुंचे। यहां सैकड़ों भिक्षुओं सहित हजारों की संख्या में लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।
दलाई लामा के हजारों अनुयायी दुनिया के कोने-कोने से यहां पहुंचे हैं। हजारों स्थानीय लोगों ने पारंपरिक अंदाज में आध्यात्मिक गुरु का स्वागत किया।
तवांग से आठ किलोमीटर की दूरी पर हेलीपैड बना था। यहां से लेकर तवांग तक सड़कों के दोनों ओर लोग अपने आध्यात्मिक नेता का स्वागत करने के लिए कतार बना कर खड़े थे।
दलाई लामा सुबह 7.45 बजे नई दिल्ली से असम के मुख्य शहर गुवाहाटी पहुंचे। इसके बाद वह अरूणाचल पहुंचे।
वरिष्ठ बौद्ध आध्यात्मिक नेता और पूर्व मंत्री टी.जी. रिंपोचे ने आईएएनएस को बताया, "दलाई लामा अरूणाचल पहुंचकर बहुत खुश हैं।" उन्होंने भी दलाई लामा का हवाई अड्डे पर स्वागत किया।
तवांग के मठ में दलाई लामा का धार्मिक ढंग से स्वागत करने के लिए लगभग 800 भिक्षु मौजूद थे। एक भिक्षु सरवांग लामा ने कहा, "हम दलाई लामा को यहां पाकर बहुत उत्साहित हैं।"
नोबले पुरस्कार विजेता दलाई लामा की अगुवानी के लिए अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू भी मठ में मौजदू थे।
दलाई लामा रविवार को तवांग के मठ में एक संग्रहालय और पुस्तकालय का उद्धाटन करेंगे। इसके बाद वह मौजूद भिक्षुओं और पुजारियों को संबोधित करेंगे।
मठ से जुड़े गुरु टुकू ने कहा, "दलाई लामा सोमवार को मठ के निकट एक स्कूल के मैदान में होने वाले प्रार्थना सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी।"
गौरतलब है कि चीन ने मांग की थी कि भारत दलाई लामा को अरूणाचल दौरे की इजाजत न दे। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दलाई लामा के कहीं भी आने-जाने पर नियंत्रण नहीं लगा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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