गाजियाबाद में रेलगाड़ी से कटे 5 रेल मजदूर (लीड-1)
यह हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनंत स्वरूप ने आईएएनएस को बताया, "कर्मचारी पटरियों पर मरम्मत कार्य में लगे हुए थे।"
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "पांच गैंग मेन पटरी संख्या तीन पर मरम्मत कार्य में लगे हुए थे, उसी दौरान उन्हें किसी रेलगाड़ी के आने की आवाज सुनाई दी। चूंकि कोहरे के कारण साफ दिखाई नहीं दे रहा था, लिहाजा मजदूरों ने सोचा कि रेलगाड़ी पटरी संख्या तीन पर आ रही है, लिहाजा वे अपने को बचाने के लिए कूद कर पटरी संख्या चार पर चले गए। दुर्भाग्यवश पटरी संख्या चार पर देहरादून-दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस आ रही थी। दोनों पटरियों पर रेलगाड़ियों के आने की स्थिति में मजदूरों के पास अपने को बचाने का कोई रास्ता नहीं बचा था और वे दोनों रेलगाड़ियों के नीचे कट गए।"
पुलिस ने कहा है कि पटरी संख्या तीन पर आई रेलगाड़ी की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
प्रखंडीय रेलवे अभियंता बी.डी.गर्ग ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। गर्ग ने घटना की जांच के भी आदेश दिए।
स्वरूप ने बताया कि जनशताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली पहुंच गई है और उसके चालक से पूछताछ की जा रही है।
चालक ने कथित तौर पर कहा है कि कोहरे के कारण दृश्यता कम होने की वजह से वह पटरियों पर काम करते कर्मचारियों को देख नहीं सका।
क्षेत्राधिकारी आर.के.गौतम ने कहा है, "मृतकों की पहचान रमेश, राम रतन, पूरण, अजय और राधे के रूप में हुई है। शवों को अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम पुलिस थाने में एक मामला दर्ज करा दिया गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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