जेल में घर जैसी सुविधाएं चाहता है हाई प्रोफाइल कैदी
नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। शिवानी भटनागर हत्याकांड में 10 अप्रैल 2003 से तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हाई प्रोफाइल कैदी और हरियाणा कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी आर.के.शर्मा ने देश के गृहमंत्री और जेल महानिदेशक को एक पत्र लिखा है, जिसमें उसने जेल के बुनियादी ढांचे में बदलाव के लिए 36 सुझाव दिए हैं।
देश के सबसे बड़े करागार में जेल नम्बर 1 में बंद आर.के. शर्मा ने देश के गृहमंत्री और महानिदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि कैदियों को 10-12 घंटे की बजाय दो घंटे ही लॉकअप में रखा जाए और जेल के अंदर सभी कैदियों को मोबाइल रखने की छूट दी जाए। वहीं जो कैदी फोन रखने में असमर्थ हैं उनके लिए जेल में ही पीसीओ बूथ बनाया जाए।
जेल प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "आर.के.शर्मा ने देश के गृहमंत्री और जेल महानिदेशक को लिखे पत्र में लगभग 36 सुझाव दिए हैं।"
आर.के.शर्मा की परिकल्पना एक खुली जेल की है। शर्मा के मुताबिक जेल के अंदर कैदियों के घूमने-फिरने पर पाबंदी नहीं होनी चाहिए। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने सुझाव दिया है कि मुलाकातियों को हर रोज कैदियों से मिलने की छूट दी जाए और जेल में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कोचों की नियुक्ति की जाए।
शर्मा ने सुझाव दिया है कि जेल के सभी वार्डो में अंग्रेजी शौचालय, कुर्सी और आलमारी की व्यवस्था की जाए। शर्मा ने जेल के अंदर कैंटीन, लाइब्रेरी और अस्पताल के बुनियादी ढांचे में परिवर्तन के लिए भी लिखा है।
जेल सूत्रों की माने तो शर्मा के सुझाव पर गौर करते हुए जेल प्रशासन ने इस माह के अंत तक जेल के अंदर फोन सेवा शुरू करने की अपनी योजना को हरी झंडी दे दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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