'पाकिस्तान में सभी आतंकी शिविर बरकरार हैं' (राउंडअप)
मुंबई हमले के मामले में आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न किए जाने को लेकर पाकिस्तान से नाराज नई दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान में शांति और स्थिरता उसके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इस्लामाबाद जब तक ठोस प्रयास नहीं करता उसके साथ संवाद बहाली संभव नहीं है।
रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से कहा, "पाकिस्तान से कई आतंकी संगठन संचालित हो रहे हैं। हमारे बार-बार आगाह करने के बावजूद वहां सभी आतंकी शिविर सक्रिय हैं। उनमें से कई तो सैन्य ठिकानों के आसपास स्थित हैं। यह हमारे लिए चिंता का विषय है।"
यह पूछे जाने पर कि यदि कोई और हमला हुआ तो भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी, एंटनी ने कहा, "जब तक पाकिस्तान गंभीर और ठोस प्रयास नहीं करता पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते नहीं सुधर पाएंगे। हम पूरी तरह चौकस हैं और यदि कुछ घटता है तो हम उसी के अनुरूप जवाब देंगे।"
एंटनी ने कहा कि पाकिस्तान से लगातार सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा, "हम उसकी साजिशों को नाकाम करने के लिए तैयार हैं।"
दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने हैदराबाद में शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि अमेरिका में भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले की साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं।
अमेरिका की संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने भारत के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पर संभावित आतंकवादी हमले की साजिश का खुलासा किया था।
चिदंबरम ने हैदराबाद में सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में पासिंग आउट परेड के दौरान संवाददाताओं को बताया, "पाकिस्तान से निश्चित रूप से आतंकवादी साजिश के तार जुड़े हैं। यदि आप एफबीआई द्वारा अदालत में दिए गए सबूतों पर गौर करेंगे तो यह साफ पता चलता है कि उनके पाकिस्तान के साथ संबंध है। डेविड हेडली कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है। "
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि एफबीआई की सलाह पर पाकिस्तान में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। निश्चित रूप से उनके पाकिस्तान के साथ संबंध हैं।"
इधर, नई दिल्ली में भारत यूरोपीय संघ (ईयू) शिखर सम्मेलन के मौके पर संवाददाताओं के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा, "लश्कर-ए-तैयबा की साजिश के बारे हमें पाकिस्तान से कोई सूचना नहीं मिली है।"
प्रधानमंत्री उस सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उनसे लश्कर-ए-तैयबा द्वारा भारत में हमले की उस साजिश के बारे में पूछा गया था, जिसमें अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली और शिकागो निवासी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा की कथित संलिप्तता की बात उजागर हुई है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हमने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हालात की समीक्षा की है और आतंकवाद से मुकाबले के लिए ठोस अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "अफगानिस्तान और पाकिस्तान में जो कुछ घटता है वह दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा हम पर असर डालता है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की स्थिरता, प्रगति तथा वहां की शांति में हमारी महत्वपूर्ण भागीदारी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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