कोड़ा का सहयोगी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया (लीड-1)
प्रवर्तन निदेशालय के उपनिदेशक प्रभात कांत ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हमने विकास सिन्हा को गिरफ्तार किया है। उससे हवाला के जरिए किए गए लेन-देन के मामले में पूछताछ की गई।"
विकास सिन्हा, विनोद सिन्हा का भाई है। आयकर (आईटी) विभाग के अधिकारियों के अनुसार विनोद सिन्हा इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार है और कोड़ा का अच्छा मित्र है।
आयकर विभाग ने जमशेदपुर स्थित सिन्हा के आवास पर छापा मारा। आयकर अधिकारी शुक्रवार को उसे लेकर रांची आ गए और वहां ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद उसे विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी विकास सिन्हा का नारको परीक्षण कराने के लिए शनिवार को उसकी हिरासत के लिए अदालत से अनुमति मांगेगा।
विकास सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया, "ईडी और आईटी अधिकारियों को मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं मिला है। वे कथित अवैध लेन-देन और सौदों को स्वीकार करने के लिए मेरे ऊपर दबाव बना रहे हैं।"
ईडी ने कोड़ा की कैबिनेट के तीन पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस जारी किया है और 10 से 12 नवंबर के बीच उनसे पूछताछ के लिए उन्हें नई दिल्ली तलब किया है। इन पूर्व मंत्रियों में कमलेश सिंह, भानु प्रताप शाही और बंधु टिर्की शामिल हैं।
कोड़ा का निजी सचिव हरेंद्र सिंह भी आईटी विभाग के कब्जे में है। बताया गया है कि उसने समर्पण कर दिया है और उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रांची स्थित आईटी कार्यालय लाया जा रहा है।
इस मामले में और भी कई लोगों को गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। शुक्रवार को आईटी कार्यालय में भीम सिंह और अनिल बस्तावड़े पेश हुए।
आईटी विभाग ने विनोद कुमार, संजय कुमार चौधरी, देवेंद्र मुखिया, बसंत भट्टाचार्य, मनोज पुनमिया और बस्तावड़े को शुक्रवार को 11 बजे तक उपस्थित होने के लिए कहा था। लेकिन इनमें से मात्र बस्तावड़े आईटी अधिकारियों के सामने पेश हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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